मानसून की वापसी यात्रा दक्षिण भारत में आगे बढ़ी

14-Oct-2025 03:57 PM

तिरुअनन्तपुरम। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के अधिकांश भागों में प्रस्थान कर चुका है और अब दक्षिण भारत में भी कई इलाकों में वापस लौट चुका है। इसके फलस्वरूप उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन का रास्ता धीरे-धीरे साफ होता जा रहा है।

पिछले सप्ताह मानसून दक्षिण भारत में लौटते हुए काफी आगे निकल गया। मौसम विभाग का कहना है कि अब तक इसे समूचे देश से प्रस्थान कर जाना चाहिए था लेकिन वापस लौटने की गति इस बार कुछ धीमी रही। 

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक के कई हिस्सों और तेलंगाना के कुछ भागों को छोड़ चुका है। इससे ठीक उत्तरी एवं पूर्वी क्षेत्र से भी यह प्रस्थान कर गया है

जिसमें महाराष्ट्र का अधिकांश इलाका, सम्पूर्ण गोवा, मध्य प्रदेश के शेष भाग, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उड़ीसा के कई भाग एवं पूर्वोत्तर राज्य शामिल है। 

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी यात्रा फिलहाल कारवार, कलबुर्गी, निजामाबाद, कांकेर, क्योंझर गढ़, सागर द्वीप एवं गुवाहाटी से होकर गुजर रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक उड़ीसा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों से अगले 2-3 दिन में मानसून के पूरी तरह वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। 

प्रायद्वीपीय भारत के दोनों भागों में स्थिर समुद्र- अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी में हालात सामान्य बने हुए हैं जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रस्थान एवं उत्तर-पूर्व मानसून के आगमन के लिए स्थिति अनुकूल होती जा रही है।

उत्तर पूर्व मानसून के प्रस्थान एवं उत्तर-पूर्व के आगमन के लिए स्थिति अनुकूल होती जा रही है। उत्तर-पूर्व मानसून से दक्षिण भारत में अच्छी वर्षा होती है।

वर्तमान समय में तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा निकटवर्ती दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर दक्षिणी तमिलनाडु से सटे इलाकों के ऊपर एक युग्म सर्कुलेशन मौजूद है जिससे आसपास के क्षेत्रों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।