मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने की उम्मीद
24-Apr-2025 12:43 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा चालू वर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में दीर्घकालीन औसत (एलपीए) के सापेक्ष 105 प्रतिशत बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है जिससे खासकर खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि मानसून सीजन के दौरान एलपीए के सापेक्ष 96 से 104 प्रतिशत के बीच होने वाली बारिश को सामान्य श्रेणी का माना जाता है एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान कम्पनी ने 103 प्रतिशत की सामान्य वर्षा का अनुमान लगाया है।
मालूम हो कि देश में 70 प्रतिशत वर्षा जून से सितम्बर के चार महीनों में इसी मानसून सीजन के दौरान होती है जो खरीफ फसलों की बिजाई का भी सीजन होता है।
खरीफ सीजन के दौरान देश में धान, तुवर, उड़द, मूंग, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरंडी तथा कपास सहित कई अन्य फसलों की खेती विशाल क्षेत्रफल में की जाती है और इसके बेहतर उत्पादन के लिए मानसून की अच्छी वर्षा समय पर होना आवश्यक माना जाता है।
इसका प्रमुख कारण यह है कि देश का आधा से अधिक कृषि क्षेत्र आसमानी वर्षा पर ही आश्रित है और वहां सिंचाई की पक्की एवं सुव्यवस्थित सुविधा उपलब्ध नहीं है। धान और गन्ना की फसल को भारी मात्रा में पानी की आवश्यकता पड़ती है।
मानसून सीजन में यदि सामान्य औसत के सापेक्ष 105 प्रतिशत की वर्षा का अनुमान सच साबित होता है और वर्षा का वितरण भी समान रहता है तो देश में एक बार फिर खरीफ फसलों का शानदार उत्पादन हो सकता है।
पिछले साल 108 बारिश आंकी गई थी और धान सहित कई अन्य फसलों का रिकॉर्ड या शानदार उत्पादन हुआ था। खरीफ सीजन में खासकर तुवर, उड़द, मक्का और कपास की बिजाई पर सबका ध्यान केन्द्रित रहेगा।
