मानवीय सहायता के लिए खाद्य निगम चावल की आपूर्ति करने पर सहमत
19-Feb-2026 12:26 PM
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) के बीच आपसी सहमति के एक पंचवर्षीय समझौता हुआ है जिसके तहत खाद्य निगम वैश्विक मानवीय सहायता कार्यक्रम को सहयोग- समर्थन देने के लिए प्रति वर्ष 2 लाख टन चावल की आपूर्ति करने पर सहमत हो गया है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार इस समझौते के अंतर्गत खाद्य निगम की 25 प्रतिशत तक टूटे दाने वाले चावल की आपूर्ति करनी है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम समूचे संसार में भुखमरी की समस्या दूर करने हेतु प्रयासरत हैं। इसी क्रम में उसने भारत से चावल का सहयोग तथा योगदान देने का आग्रह किया था जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया।
चूंकि खाद्य निगम के पास चावल का अत्यन्त विशाल भंडार मौजूद है और इसमें अनवरत बढ़ोत्तरी भी होती जा रही है इसलिए उसे इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की आपूर्ति करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। करार के तहत खाद्य निगम को अगले पांच वर्ष के दौरान कुल 10 लाख टन चावल का योगदान देना है।
विभिन्न कारणों से एशिया, अफ्रीका एवं दक्षिण अमरीका महाद्वीप के कई गरीब एवं अल्पविकसित देशों में अक्सर खाद्यान्न का संकट बना रहता है और वहां करोड़ों लोग भुखमरी की समस्या से जूझते रहते हैं। ऐसे लोगों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ल्ड फूड प्रोग्राम आरंभ किया गया था और इसके अंतर्गत अधिशेष उत्पादन एवं स्टॉक वाले देशों से खाद्यान्न का सहयोग मांगा जाता है।
पिछले दिन नई दिल्ली में केन्द्रीय खाद्य सचिव की उपस्थिति में इस पंचवर्षीय आपसी सहमति के समझौते (एमओयू) पर भारत की ओर से खाद्य निगम के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) तथा वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की तरफ से उसके उप कार्यकारी निदेशक ने हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर होने की तिथि से अगले पांच साल तक यह करार वैध रहेगा जिसे बाद में आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
