मेप के हटने से बासमती चावल का निर्यात बढ़ने के आसार

18-Sep-2024 12:40 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा बासमती चावल के लिए लागू 950 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (मेप) को हटाए जाने के बाद देश से प्रीमियम क्वालिटी के इस सुगंधित चावल का निर्यात बढ़ने के आसार हैं।

पिछले साल किसानों को बासमती धान का ऊंचा एवं आकर्षक मूल्य प्राप्त हुआ था जिससे इस वर्ष खरीफ सीजन में इसका क्षेत्रफल बढ़ गया।

इतना ही नहीं बल्कि मौसम एवं मानसून की हालत अनुकूल रहने से उपज दर एवं क्वालिटी में भी सुधार  आने की संभावना है। इसके फलस्वरूप उत्पादन में 15-20 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

बासमती चावल का निर्यात योगय स्टॉक बढ़ने की संभावना है जबकि निर्यातकों को वैश्विक बाजार में पाकिस्तान की चुनौती एवं प्रतिस्पर्धा का सामना करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।

सरकार ने बिल्कुल सही समय पर मेप हटाने का निर्णय लिया है क्योंकि अगले महीने से बासमती धान के नए माल की जोरदार आवक शुरू होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि किसानों को इस बार भी बासमती धान का लाभप्रद मूल्य हासिल होगा। 

भारत से बासमती चावल का निर्यात मुख्यत: पश्चिम एशिया, खाड़ी क्षेत्र तथा यूरोपीय संघ के देशों और अमरीका को किया जाता है।

खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब, ईरान, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, यमन, कुवैत, बहरीन एवं ओमान आदि देश भारतीय बासमती चावल के प्रमुख खरीदार हैं।

पाकिस्तान के निर्यातक पहले दाम घटाकर अपने बासमती चावल का निर्यात बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन अब भारतीय निर्यातक भी ऐसा कर सकते हैं।

मेप के बावजूद वित्त वर्ष 2023-24 में भारत से बासमती चावल का निर्यात बढ़कर 52 लाख टन से ऊपर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और चालू वित्त वर्ष में भी स्थिति बेहतर नजर आ रही है।