मार्च में खाद्य तेलों के आयात में 10 प्रतिशत की गिरावट

13-Apr-2026 01:17 PM

मुम्बई। एक अग्रणी उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑल इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च 2026 के दौरान देश में करीब 11.73 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हुआ जो फरवरी 2026 के आयात 12.92 लाख टन से 10 प्रतिशत कम था। वैसे मार्च 2025 के मुकाबले मार्च 2026 के दौरान वनस्पति तेल का सकल आयात 10.73 लाख टन से 11 प्रतिशत बढ़कर 11.97 लाख टन पर पहुंच गया जिसमें 11.73 लाख टन खाद्य तेल एवं 14 हजार टन अखाद्य तेल शामिल रहा। 

एसोसिएशन की नई मासिक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान मार्केटिंग सीजन के शुरूआती पांच महीनों में यानी नवम्बर 2025 से मार्च 2026 के दौरान देश में वनस्पति तेलों (खाद्य + अखाद्य) का कुल आयात बढ़कर 65.72 लाख टन से ऊपर पहुंच गया जो 2024-25 सीजन की सामान अवधि के आयात 60.97 लाख टन से 8 प्रतिशत अधिक रहा। 

उद्योग समीक्षकों के अनुसार मार्च में खाद्य तेलों का आयात में कई कारणों से गिरावट आई। इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव का ऊंचा होना, डॉलर के मुकाबले फसलों की विनिमय दर काफी कमजोर रहना तथा घरेलू प्रभाग में खाद्य तेलों की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति में सुधार आना आदि शामिल है। मार्च में सरसों की जोरदार आवक तथा क्रशिंग हुई जिससे इसके तेल एवं खल का उत्पादन काफी बढ़ गया।

इससे पूर्व दिसम्बर से फरवरी के बीच देश में खाद्य तेलों का भारी आयात हुआ था क्योंकि आयातकों ने आगामी समय में आपूर्ति में बांधा पड़ने तथा कीमत ऊंची रहने की आशंका से इसका विशाल स्टॉक बनाने का प्रयास किया था। भारत में मुख्यतः पाम तेल, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात विभिन्न देशों से किया जाता है।