रूई की आपूर्ति सिर्फ स्पिनिंग मिलों तक सीमित रखने का आग्रह
13-Apr-2026 01:55 PM
कोयम्बटूर। इस वर्ष जनवरी से मार्च की तिमाही के दौरान व्यापारियों द्वारा 32.50 लाख गांठ रूई की खरीद की गई जो स्पिनिंग मिलों द्वारा की गई खरीद 18 लाख गांठ से काफी अधिक रही। ये व्यापारी भी अंततः कुछ ऊंचे दाम पर अपनी रूई अधिकांश स्टॉक स्पिनिंग इकाइयों को ही बेचेंगे।
इसे देखते हुए साउथ इंडिया स्पिनर्स एसोसिएशन ने सरकारी एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) से अपने स्टॉक की रूई की बिक्री व्यापारियों के बजाए स्पिनिंग इकाइयों तक सीमित रखने का आग्रह किया है ताकि स्पिनिंग सेक्टर एवं समग्र टेक्सटाइल उद्योग में काम-काज की निरंतरता बरकरार रह सके।
एसोसिएशन का कहना है कि स्पिनिंग मिलों पर खर्च का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है और कार्य निष्पादन की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। रूई का भाव 1 मार्च को 52,000 रुपए प्रति कैंडी (356 किलो) चल रहा था जो 6 अप्रैल को 11 हजार रुपए बढ़कर 63,000 रुपए प्रति कैंडी पर पहुंच गया।
