मध्य जनवरी तक देश में 159 लाख टन चीनी का उत्पादन

16-Jan-2026 10:57 AM

नई दिल्ली। देश के सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ना की जोरदार क्रशिंग जारी है जिससे चीनी के घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बेहतर होने से कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। 

सहकारी चीनी मिलों के संगठन-नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) की रिपोर्ट के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के शुरुआती साढ़े तीन महीनों में यानी 1 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के दौरान देश में चीनी का कुल उत्पादन बढ़कर 159 लाख टन पर पहुंच गया

जिसमें शीर्ष तीन उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक का योगदान 141 लाख टन 4789 प्रतिशत रहा। शेष 18 लाख टन या 11 प्रतिशत चीनी का उत्पादन अन्य राज्यों में हुआ।

इसमें गुजरात, बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। 

फेडरेशन के अनुसार पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान न सिर्फ गन्ना की क्रशिंग में बढ़ोत्तरी हुई बल्कि गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी बढ़कर 9.01 प्रतिशत पर पहुंच गई।

इससे चीनी के उत्पादन में काफी इजाफा हो गया। महाराष्ट्र में उत्पादन गत वर्ष की तुलना में इस बार काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसी तरह उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में भी उत्पादन पिछले सीजन से आगे चल रहा है। 

फेडरेशन के मुताबिक मौजूदा मार्केटिंग सीजन के दौरान अभी तक एथनॉल निर्माण में लगभग 9 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना अवयवों (गन्ना जूस, सीरप बी हैवी शीरा एवं सी-हैवी शीरा) का उपयोग किया जा चुका है।

लेकिन चीनी के निर्यात मोर्चे पर प्रदर्शन कमजोर बना हुआ है क्योंकि वैश्विक बाजार मूल्य तेजी से नहीं बढ़ रहा है। गन्ना की क्रशिंग अगले कुछ महीनों तक जारी रहेगी।