मध्य नवम्बर तक चीनी के उत्पादन में 48 प्रतिशत की शानदार बढ़ोत्तरी
18-Nov-2025 07:51 PM
नई दिल्ली। अधिक संख्या में मिलों के क्रियाशील होने तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर ऊंची रहने से इस बार चीनी के घरेलू उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मौजूदा मार्केटिंग सीजन के शुरुआती डेढ़ महीनों में यानी 1 अक्टूबर से 15 नवम्बर 2025 के दौरान देश में चीनी का उत्पादन बढ़कर 10.50 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले साल की इसी अवधि के उत्पादन 7.10 लाख टन से 3.40 लाख टन या करीब 48 प्रतिशत ज्यादा है।
बयान के अनुसार महाराष्ट्र में गन्ना के मूल्य पर कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण क्रशिंग की गति धीमी पड़ गई है। यदि स्थित सामान्य होती तो चीनी के उत्पादन में और बढ़ोत्तरी हो सकती थी।
चालू मार्केटिंग सीजन में नवम्बर 2025 के प्रथम पखवाड़े के दौरान 325 चीनी मिलों में गन्ना की पेराई आरंभ हो गई जबकि पिछले साल की समान अवधि में 144 इकाइयां ही क्रियाशील हो पाई थी।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान गन्ना क्रशिंग की मात्रा भी 91 लाख टन से बढ़कर 128 लाख टन पर पहुंच गई जबकि गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर गत वर्ष के 7.8 प्रतिशत से सुधरकर इस बार 8.2 प्रतिशत हो गई।
इसके फलस्वरूप चीनी का कुल उत्पादन बेहतर हो गया। बयान के मुताबिक पिछले साल महाराष्ट्र में विधानसभा का चुनाव होने के कारण गन्ना की क्रशिंग शुरू होने में देर हो गई और यह नवम्बर के अंत में ही आरंभ हो सकी।
फेडरेशन ने 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चीनी का सकल उत्पादन बढ़कर 350 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।
इसके तहत महाराष्ट्र में 125 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 110 लाख टन तथा कर्नाटक में 70 लाख टन के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है जबकि शेष राज्यों में 45 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है।
इसमें गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड आदि शामिल है। इस 350 लाख टन के सकल उत्पादन में एथनॉल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली चीनी भी सम्मलित है।
