मध्य प्रदेश में गेहूं का बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन बढ़ने के आसार
27-Oct-2025 07:51 PM
भोपाल। मध्य प्रदेश गेहूं के बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर रहता है। इसी तरह केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने के मामले में भी वह पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर आ गया है।
पिछले साल जब केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया था तब मध्य प्रदेश सरकार ने इससे ऊपर 175 रुपए का अतिरिक्त बोनस घोषित किया था। इसके फलस्वरूप मध्य प्रदेश के गेहूं उत्पादकों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिला था।
2025-26 सीजन के लिए सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने इस पर 115 रुपए का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है जिससे किसानों को गेहूं की अगली फसल के लिए 2700 रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिलना निश्चित हो जाएगा।
चूंकि केन्द्रीय पूल के लिए मध्य प्रदेश में अत्यन्त विशाल मात्रा में गेहूं की खरीद की जाती है इसलिए किसानों को आकर्षक एवं लाभप्रद वापसी होने का पक्का भरोसा है। इसके अलावा व्यापारियों मिलर्स को भी समर्थन मूल्य या इससे ऊंचे दाम पर गेहूं की खरीद करनी पड़ेगी।
राज्य सरकार द्वारा बिजाई सीजन के आरंभ में ही अतिरिक्त बोनस की घोषणा किए जाने से गेहूं की खेती करने में मध्य प्रदेश के किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य में मानसून की अच्छी बारिश होने से बांधों-जलाशयों में पानी का भरपूर स्टॉक मौजूद है और खेतों की मिटटी में नमी की भी कोई समस्या नहीं है।
इसे देखते हुए वहां रबी सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न का रकबा एवं उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। इससे गेहूं की सरकारी खरीद में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
भारतीय खाद्य निगम द्वारा किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से ही गेहूं खरीदा जाएगा जबकि शेष राशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। 2025 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान राज्य में 75 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा गया था जबकि 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन में यह बढ़कर 80 लाख टन से ऊपर पहुंच जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
