मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद के लक्ष्य में 22 लाख टन का इजाफा

24-Apr-2026 11:42 AM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने मध्य प्रदेश में पूर्व निर्धारित लक्ष्य से आगे 22 लाख टन अतिरिक्त गेहूं की खरीद करने की स्वीकृति प्रदान की है। इससे पहले जब मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था तब उसे अस्वीकार कर दिया गया था। 

मध्य प्रदेश गेहूं का एक अग्रणी उत्पादक राज्य है और केन्द्रीय पूल में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का योगदान देने के मामले में पंजाब के बाद दूसरे नंबर पर रहता है। पिछले साल राज्य में 77.74 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी जिसे देखते हुए खाद्य मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए वहां 78 लाख टन की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था।

लेकिन अब मंत्रालय को यह लक्ष्य छोटा प्रतीत हो रहा था और इसलिए उसने इसमें 22 लाख टन का भारी-भरकम इजाफा कर दिया है। इसके साथ ही अब मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद का कुल लक्ष्य बढ़कर 100 लाख टन के करीब पहुंच गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद के लक्ष्य में दो बार बढ़ोत्तरी की गई थी। शुरुआत में यह लक्ष्य 60 लाख टन का था जिसे पहले 10 लाख टन बढ़ाकर 70 लाख टन नियत किया गया और जब वह लक्ष्य भी हासिल  हो गया तब उसे 10 लाख टन और बढ़ाकर 80 लाख टन निर्धारित कर दिया गया। 

दिलचस्प तथ्य यह है कि एक तरफ सरकार ने मध्य प्रदेश में खरीद का लक्ष्य काफी बढ़ा दिया है जबकि दूसरी ओर वहां गेहूं की वास्तविक खरीद की गति गत वर्ष से बहुत पीछे है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का कहना है कि इस वर्ष राज्य में गेहूं का शानदार उत्पादन हुआ है और सरकारी क्रय केन्द्रों पर पहुंचने वाले गेहूं की सम्पूर्ण मात्रा की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गेहूं खरीद की समय सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। जूट बोरियों की कमी बनी हुई है।