मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी वर्षा से बाढ़ का खतरा

18-Jul-2025 11:41 AM

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मानसून की लगातार हो रही भारी वर्षा से न केवल खेतों में पानी भर गया है बल्कि नदियों में उफान आने से बाढ़ का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।

अनेक बांधों एवं जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने से उसके वोट खोले जा रहे हैं जिससे निचले इलाकों में पानी की रफ्तार तेज हो गई है। बिहार, बंगाल एवं झारखंड में भी जोरदार बारिश होने से हालात खराब होने लगे हैं। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली में भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। 

मध्य प्रदेश के सतना, मंदसौर, रीवा एवं धार जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश से न केवल जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है बल्कि खेतों में पानी का जमाव होने से खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अनवरत हो रही बारिश से खरीफ फसलों की बिजाई पर असर पड़ सकता है। 

इधर उत्तर प्रदेश में कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर एवं वाराणसी जैसे जिलों में भारी वर्षा होने से गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और तटवर्ती क्षेत्रों में खेत जल मग्न हो गए हैं। वहां किसानों की चिंता बढ़ गई है।

इसी तरह राजस्थान के कोटा सहित अन्य निकटवर्ती जिलों में खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी इकट्ठा हो गया है जिससे कुछ फसलों को क्षति पहुंच सकती है। मालूम हो कि इस बार राजस्थान में सभी खरीफ फसलों की बिजाई में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और इसकी प्रक्रिया अभी जारी है। 

पूर्वी भारत में पहले बारिश का अभाव देखा जा रहा था मगर अब उसके कई भागों में मानसून सक्रिय हो गया है। दक्षिण भारत के कर्नाटक तमिलनाडु एवं केरल में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो गया है मगर आंध्र प्रदेश के अनेक जिले अब भी गंभीर सूखे के संकट का सामना कर रही है।

वहां भारी बारिश की सख्त जरूरत है। गुजरात में उत्तरी भाग को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर बेशक खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से आगे चल रहा है मगर कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।