नौ राज्यों में पीडीएस के तहत वितरण हेतु गेहूं एवं चावल के आवंटन में परिवर्तन
26-Sep-2024 02:26 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय पूल में स्टॉक सीमित उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कुछ राज्यों में गेहूं का वितरण कम या खत्म करके उसके समतुल्य चावल का आवंटन शुरू किया था।
लेकिन अब गेहूं के ऊंचे बाजर भाव को देखते हुए सरकार ने उन राज्यों में पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। अगले महीने यानी अक्टूबर 2024 से इसकी प्रक्रिया आरंभ करने का निर्णय होते हुए इस पद में मार्च 2025 तक के लिए 35 लाख टन गेहूं का स्टॉक आवंटित किया गया है।
जून 2022 में ही देश के 9 राज्यों-बिहार, झारखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल में पीडीएस के लिए गेहूं का आवंटन या तो सेला गया था या इसकी मात्रा घटा दी गई थी।
अब अक्टूबर से इसका दोबारा वितरण शुरू हो जाएगा। कहने का मतलब यह है कि खाद्यान्न वितरण की वह स्थिति पुनः बहाल हो जाएगी जो जून 2022 से पूर्व प्रचलित थी।
ध्यान देने की बात है कि प्रति व्यक्ति खाद्यान्न के वितरण की मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 5 किलो प्रति माह पर ही स्थिर रहेगा।
जहां तक मोटे अनाज की बात है तो अक्टूबर 2024 के लिए गुजरात एवं तमिलनाडु में इसका आवंटन पूर्ववत रहेगा जबकि नवम्बर 2024 से इसमें बदलाव हो जाएगा।
अक्टूबर माह के लिए खाद्यान्न की संशोधित मात्रा के उठाव को बैधता अवधि 24 सितम्बर 2024 से अगले 30 दिनों तक रहेगी और उसके बाद खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण की भाग के दिशा निर्देश के अनुरूप रहेगी।
यदि पूर्व में किसी मात्रा का उठाव किया गया तो उसे अक्टूबर के आवंटन में समायोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं बिहार जैसे राज्यों में गेहूं की भारी खपत होती है। वहां अब लाभार्थियों को गेहूं प्राप्त होने लगेगा।
