निर्यातक देशों में ऊंचे भाव के कारण भारत में पाम तेल के आयात में जोरदार गिरावट
04-Oct-2024 11:43 AM
मुंबई। एक तरफ केंद्र सरकार द्वारा खाद्य तेलों पर बुनियादी आयात शुल्क में 20 प्रतिशत का भारी इजाफा किए जाने तथा दूसरी ओर इंडोनेशिया एवं मलेशिया जैसे शीर्ष निर्यातक देश में भाव उछलने के कारण भारत में अगस्त के मुकाबले सितम्बर माह के दौरान पाम तेल के आयात में लगभग एक-तिहाई की जोरदार गिरावट आ गयी। भारत संसार में वनस्पति तेलों का सबसे प्रमुख आयातक देश है।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के डीलर्स-विश्लेषकों के अनुसार सितम्बर 2024 के दौरान देश में पाम तेल उत्पादों का कुल आयात घटकर 5.30 लाख टन के करीब रह गया जो अगस्त के आयात से लगभग 34 प्रतिशत कम है। आमतौर पर पाम तेल का भाव सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल से नीचे रहता है लेकिन सितम्बर में यह ऊपर हो गया और अक्टूबर शिपमेंट के लिए भी पाम तेल का ऑफर मूल्य ऊंचा चल रहा है जिससे इसका आयात प्रभावित हो सकता है।
अगस्त की तुलना में सितम्बर माह के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 15 प्रतिशत गिरकर 3.88 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात 49 प्रतिशत घटकर 1.45 लाख टन के करीब रह जाने का अनुमान लगाया गया है। इस तरह तीनों प्रमुख तेलों के आयात में भारी गिरावट आने की सम्भावना है। उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों के मुताबिक अगस्त के मुकाबले सितम्बर में खाद्य तेलों का कुल आयात 31 प्रतिशत घटकर 10.60 लाख टन के करीब सिमट गया।
उपरोक्त आकडा समीक्षकों-विश्लेषकों का है। मध्य अक्टूबर के आसपास एक अग्रणी उद्योग संस्था-साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (सी) द्वारा मासिक रिपोर्ट जारी की जाएगी जिसमें सितम्बर माह के दौरान खाद्य तेलों के हुए आयात का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। उसके बाद ही आयात की स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी। विश्लेषकों के मुताबिक भारत में आयात शुल्क बढ़ने पर निर्यातक देशों में खाद्य तेलों का भाव घटना चाहिए था लेकिन इस बार स्थिति विपरीत देखी जा रही है जिससे खासकर भारतीय रिफाईनर्स की परेशानी बढ़ने लगी है।
