न्यूजीलैंड से आयातक वस्तुओं पर सीमा शुल्क में रियायत समाप्त करने का फैसला

26-Dec-2025 12:07 PM

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच अगले तीन महीनों के अंदर मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इस बीच भारत सरकार ने न्यूजीलैंड से आयातित अनेक संवेदनशील उत्पादों पर सीमा शुल्क में रियायत की अवधि को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है

जिसमें डेयरी उत्पाद, चीनी, सब्जी, ताम्बा तथा एल्युमिनियम आदि शामिल है। इससे भारतीय किसानों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को राहत मिलेगी। दोनों देशों ने घोषणा की है कि एफटीए के लिए बातचीत समाप्त हो चुकी है और अगले वर्ष से इस समझौते के प्रभावी हो जाने की संभावना है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस संधि के अंतर्गत भारत में अनेक महत्वपूर्ण उत्पादों को संरक्षित सूची में बरकरार रखा है जिसमें तरल दूध, क्रीम, मक्खन, पनीर एवं खमीर जैसे डेयरी उत्पाद, चना, मटर, मक्का, चीनी, कत्रिम शहद, प्याज, तेल, वस्त्र और सब्जी आदि सम्मिलित है।

हालांकि इसके आयात पर प्रतिबंध नहीं बनाया गया है मगर इस पर वही सीमा शुल्क लगेगा जो अन्य देशों के लिए लागू है। इससे न्यूजीलैंड के निर्यातकों को कोई विशेष रियायत नहीं मिल सकेगी।

लेकिन भारत कुछ खास कृषि उत्पादों के लिए टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रणाली तथा न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) के तहत अपने बाजार में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए सहमत हो गया है जिसे आमतौर पर प्रतिबंध सूची में रखा गया है।

इसमें शहद, सेब, कीवी (फल) तथा मिल्क अल्बुमिन आदि सम्मिलित हैं। इसका उपयोग दवाइयों / औषधियों तथा खमीर प्रोटीन उत्पादन में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड ने भारतीय बासमती चावल के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआई) का टैग देने अथवा एकल प्रमाण पत्र प्रदान करने से इंकार कर दिया है।