News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एथेनॉल उत्पादन में बढ़ा चावल का उपयोग, बढ़ी राइस DDGS की मात्रा — मक्का DDGS और मील के लिए चुनौती

11-Oct-2025 12:35 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एथेनॉल उत्पादन में बढ़ा चावल का उपयोग, बढ़ी राइस DDGS की मात्रा — मक्का DDGS और मील के लिए चुनौती
★ देश में एथेनॉल उत्पादन हेतु चावल के उपयोग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वर्ष 2021-22 में मात्र 1.69 लाख टन चावल एथेनॉल निर्माण में उपयोग हुआ था, जो 2022-23 में बढ़कर 15.15 लाख टन और 2023-24 में 8.96 लाख टन तक पहुंच गया।
★ अगस्त 2025 तक यह आंकड़ा 20.3 लाख टन तक पहुंच गया है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि डिस्टिलरी सेक्टर में चावल की खपत तेजी से बढ़ रही है।
★ भारतीय खाद्य निगम (FCI) वर्तमान में डिस्टिलरी को ₹2250 प्रति क्विंटल की दर से चावल उपलब्ध करा रहा है। यह दर 31 अक्टूबर 2025 तक लागू रहेगी। इसके बाद जून 2026 तक ₹2320 प्रति क्विंटल की नई दर लागू होगी, जिसमें सभी लागतें शामिल होंगी।
★ बढ़ते चावल उपयोग का एक और असर यह हुआ है कि 8 लाख टन राइस DDGS अब तक तैयार की जा चुकी है, जिसे मुख्य रूप से फीड इंडस्ट्री में इस्तेमाल किया जा रहा है।
★ राइस DDGS की बढ़ती उपलब्धता से मक्का DDGS और मील की मांग पर दबाव पड़ेगा। इससे पशु आहार उद्योग के संतुलन में बदलाव संभव है, क्योंकि राइस DDGS तुलनात्मक रूप से सस्ती और आसानी से उपलब्ध फीड सामग्री बन रही है।