News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उड़द पर आयात का दबाव, लेकिन आगे सुधार के संकेत

17-Feb-2026 10:32 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उड़द पर आयात का दबाव, लेकिन आगे सुधार के संकेत
★ उड़द बाजार इस समय भारी आयात और घरेलू आवक के कारण दबाव झेल रहा है। बंदरगाहों पर स्टॉक बढ़ने से बाजार में आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है, जिससे दामों में नरमी देखी जा रही है।
★ अप्रैल–जनवरी के दौरान उड़द का आयात करीब 8.95 लाख टन पहुंच चुका है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 6.68 लाख टन से काफी अधिक है। यह आंकड़ा पिछले पूरे वित्त वर्ष के 8.2 लाख टन आयात के करीब है और संभावना है कि चालू वर्ष में आयात नया उच्च स्तर छू सकता है।
★ बड़े आयात और मंडियों में जारी आवक ने फिलहाल बाजार पर दबाव बनाया है। हालांकि इस साल देश में उड़द उत्पादन कम रहने का अनुमान है, जिसके चलते आयात बढ़ाया गया।
★ म्यांमार में किसान उड़द की जगह मूंग की खेती की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे आगे चलकर वहां से आपूर्ति घट सकती है। अफ्रीकी देशों से नई फसल की आवक अगस्त के बाद ही आने की संभावना है।
★ वर्तमान कमजोरी अस्थायी हो सकती है। जैसे-जैसे घरेलू आवक कम होगी और आयात की रफ्तार धीमी पड़ेगी, मई से बाजार में संतुलन बनना शुरू हो सकता है। कम उत्पादन और सीमित भविष्य की आपूर्ति के कारण कीमतों में धीरे-धीरे सुधार की संभावना जताई जा रही है।
★ कुल मिलाकर, अभी बाजार दबाव में है, लेकिन आने वाले महीनों में परिस्थितियां बेहतर होने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।