ऑस्ट्रेलिया में मसूर की खेती में किसानों का उत्साह बरकरार रहने की उम्मीद
14-Oct-2025 05:07 PM
ब्रिसबेन। ऑस्ट्रेलिया में मसूर की खेती से किसानों को आकर्षक आमदनी प्राप्त हो रही है जिससे न केवल परम्परागत किसानों की दिलचस्पी इसमें बरकरार है बल्कि नए-नए उत्पादक भी इसकी बिजाई से जुड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
इस वर्ष वहां मसूर का बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। मसूर का क्षेत्रफल 11.40 लाख हेक्टेयर के शीर्ष स्तर पर पहले ही पहुंच चुका है जबकि कुल उत्पादन 18 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने का अनुमान है जो एक नया रिकॉर्ड स्तर है।
साउथ ऑस्ट्रेलिया एवं विक्टोरिया प्रान्त में मसूर की खेती विशाल क्षेत्रफल में होती है। सरकारी एजेंसी- अबारेस के अनुसार चालू वर्ष के दौरान इन दोनों राज्यों के साथ-साथ न्यू साउथ वेल्स में भी रिकॉर्ड क्षेत्रफल में मसूर की खेती हुई है।
पिछले पांच वर्षों की बिजाई एवं पैदावार का तुलनात्मक विश्लेषण करने से फर्क साफ नजर आता है। अबारेस की रिपोर्ट के अनुसार 2020-21 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान मसूर का उत्पादन क्वींसलैंड में 200 टन से बढ़कर 1100 टन, न्यू साउथ वेल्स में 11,200 टन से उछलकर 90 हजार टन,
विक्टोरिया में 4.57 लाख टन से उछलकर 7.50 लाख टन, साउथ ऑस्ट्रेलिया में 3.80 लाख टन से उछलकर 8.45 लाख टन, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में 5500 टन से बढ़कर 21,000 टन और सम्पूर्ण ऑस्ट्रेलिया में 8.54 लाख टन से उछलकर 17.07 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है।
ऑस्ट्रेलिया में समीक्षाधीन अवधि के दौरान मसूर का उत्पादन क्षेत्र भी 5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 11.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मौसम की हालत अनुकूल रहने से फसल की औसत उपज दर में सुधार आने के आसार हैं।
उत्पादन में शानदार बढ़ोत्तरी होने से वहां मसूर का निर्यात योग्य स्टॉक बढ़ेगा जिससे कनाडा की कठिनाई बढ़ जाएगी। ऑस्ट्रेलिया से भारत में मसूर का भारी निर्यात होता है और वहां नई फसल की छिटपुट आवक शुरू हो गई है।
