ऑस्ट्रेलिया में शुष्क मौसम एवं घने कोहरे से मसूर की फसल को भारी नुकसान होने के संकेत

27-Sep-2024 04:36 PM

ब्रिसबेन । हालांकि कुछ सप्ताह पूर्व तक ऑस्ट्रेलिया में मौसम की अनुकूल स्थिति को देखते हुए मसूर का शानदार उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन बाद में साउथ ऑस्ट्रेलिया तथा विक्टोरिया प्रान्त में मौसम शुष्क होने तथा घने कोहरे का प्रकोप रहने से फसल को जबरदस्त नुकसान होने के संकेत मिल रहे हैं। इससे एक- तिहाई फसल के क्षतिग्रस्त हो जाने की आशंका है। 

सरकारी एजेंसी- अबारेस के अनुसार 2023 की तुलना में 2024 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में मसूर का बिजाई क्षेत्र 17 प्रतिशत बढ़कर 9.27 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जबकि इसका उत्पादन भी बढ़कर 16.90 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है। साउथ ऑस्ट्रेलिया मसूर का अग्रणी उत्पादक राज्य है।

वहां इसका बिजाई क्षेत्र 20 प्रतिशत उछलकर 4.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि कुल उत्पादन 13 प्रतिशत बढ़कर 8.60 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि विक्टोरिया प्रान्त में मसूर का क्षेत्रफल 13 प्रतिशत बढ़कर 4.30 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर वहां इसका उत्पादन 7.90 लाख टन होने की संभावना व्यक्त की गई जो पिछले साल के लगभग बराबर ही है। 

लेकिन सूखे जैसी स्थिति बनने तथा वर्षा अपर्याप्त होने से फसल को हुए भारी नुकसान को देखते हुए उद्योग-व्यापार समीक्षक अब ऑस्ट्रेलिया में मसूर का कुल उत्पादन घटकर 10-12 लाख टन के बीच सिमट जाने का अनुमान लगा रहे हैं। वहां घने कोहरे से फसल को हो रही क्षति का भी आंकलन किया जा रहा है।

कुछ इलाकों में जहां उत्पादक पहले मसूर की उपज दर 2000 किलो प्रति हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे थे वहां अब केवल 500-550 किलो प्रति हेक्टेयर की संभावना व्यक्त की जा रही है।

दाने की क्वालिटी एवं उपज दर बहुत कमजोर होने से चारे की फसल के तौर पर उस मसूर की फसल का इस्तेमाल किया जा सकता है।  

2023-24 के मार्केटिंग सीजन में जुलाई 2024 एक ऑस्ट्रेलिया से 13.30 लाख टन मसूर का निर्यात हुआ। प्रति माह औसत एक लाख टन से अधिक मसूर का शिपमेंट किया गया।

अक्टूबर तक के निर्यात के लिए वहां मसूर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है लेकिन अगले मार्केटिंग सीजन में निर्यात घटने की संभावना है।

कुछ सप्ताहों के बाद वहां मसूर की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो जाएगी। उत्पादक अत्यन्त सीमित मात्रा में अगली नई फसल की बिक्री का अनुबंध कर रहे हैं क्योंकि इसे दाम बढ़ने का भरोसा है।