ऑस्ट्रेलिया से चना के आयात में 50 प्रतिशत से अधिक गिरावट आने की संभावना
10-Oct-2025 05:08 PM
मुम्बई। भारत में देसी चना के आयात की गति काफी धीमी पड़ गई है और घरेलू प्रभाग में इसकी कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं देखा जा रहा है।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों का मानना है कि 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के दौरान भारत में ऑस्ट्रेलिया से चना का आयात 5 लाख टन के ऊपर पहुंचना मुश्किल है जबकि 2024-25 के सीजन में आयात नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
इस बार चना में बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है और मार्च-अप्रैल में इसके नए माल की जोरदार आवक शुरू हो सकती है। इसके अलावा विदेशों से पीली मटर का शुल्क मुक्त आयात भी जारी है जो चना के विशाल आयात को हतोत्साहित कर सकता है।
एक अग्रणी विश्लेषण के अनुसार भारत में देसी चना पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा हुआ है लेकिन फिर भी भारतीय आयातक इसकी खरीद कर रहे हैं।
पिछले साल इस समय तक भारतीय आयातक करीब 8 लाख टन चना का अनुबंध कर चुके थे जबकि चालू वर्ष में अभी तक 2 लाख टन का भी सौदा नहीं किया गया है।
इसे देखते हुए प्रतीत होता है कि इस बार भारत में ऑस्ट्रेलिया से 5 लाख टन से ज्यादा चना का आयात नहीं होगा। एक अन्य समीक्षक के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से भारत को अक्टूबर में 1 लाख टन तथा नवम्बर में 4.50-5.00 लाख टन चना का निर्यात किया गया था लेकिन इस वर्ष ऐसा नहीं देखा जा रहा है।
उधर ऑस्ट्रेलिया से कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023-24 सीजन के दौरान देश से केवल करीब 4 लाख टन चना का निर्यात हुआ था जो 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में लगभग 5 गुना उछलकर 20 लाख टन के आसपास पहुंच गया। इसमें से लगभग 14 लाख टन का निर्यात अकेले भारत को किया गया।
समीक्षकों के अनुसार वर्तमान परिदृश्य भारत में देसी चना के आयात के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं है। चना का निर्यात ऑफर मूल्य 470-480 डॉलर प्रति टन के बीच चल रहा है
जिसमें शिपमेंट खर्च भी शामिल है। जब इसका भाव घटकर 450-460 डॉलर प्रति टन पर आएगा तभी भारतीय आयातक इसकी खरीद में सक्रियता दिखा सकते हैं।
