पांच राज्यों में धान की खरीद में एनसीसीएफ को शामिल करने का आग्रह

28-Sep-2024 01:22 PM

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने पांच राज्यों- आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं उड़ीसा से कहा है कि वह 1 अक्टूबर 2024 से आरंभ होने वाले नए खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीद की प्रक्रिया में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को भी शामिल करे।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2023-24 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान इन पांच राज्यों से कुल 201.20 लाख टन चावल खरीदा था। 

उल्लेखनीय है कि चालू सप्ताह के आरंभ में केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा  सम्बन्धित राज्य सरकारों को पत्र भेजकर सूचित किया था कि एनसीसीएफ में कहा गया है कि चूंकि एनसीसीएफ ने 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)

पर धान खरीदने का इरादा व्यक्त किया है इसलिए राज्यों से आग्रह किया जाता है कि वे इस एजेंसी को खरीद प्रकिया में सम्मिलित करें।

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 2023-24 सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश में 14.40 लाख टन, छत्तीसगढ़ में 83 लाख टन, मध्य प्रदेश में 28.30 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 36 लाख टन तथा उड़ीसा में 39.50 लाख टन चावल के समतुल्य धान की सरकारी खरीद की गई थी। 

लेकिन व्यापारियों एवं राइस मिलर्स का कहना है कि इस तरह की खरीद प्रक्रिया को बड़े पैमाने पर संचालित करने के लिए एनसीसीएफ के पास पर्याप्त बुनियादी ढांचा एवं भंडारण सुविधा उपलब्ध नहीं है।

खाद्यान्न की खरीद में प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट को ऑपरेटिव सोयायटीज (पैक्स) तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा अच्छा काम किया जा रहा है और उसे बेहतर तकनीक से सुसज्जित किया जाना चाहिए ताकि बिचौलियों की भूमिका को घटाया जा सके।

ऐसा लगता है कि एक केन्द्रीय एजेंसी के रूप में धान की खरीद प्रक्रिया में शामिल होने पर एनसीसीएफ को भारी कठिनाई हो सकती है।