पंजाब की मंडियों में गेहूं की आवक 100 लाख टन पर पहुंची

27-Apr-2026 01:06 PM

लुधियाना। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब की मंडियों में वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान 26 अप्रैल 2026 तक गेहूं की कुल आवक बढ़ते हुए 99 लाख टन से ऊपर पहुंच गई। 26 अप्रैल को राज्य की समस्त मंडियों में करीब 5 लाख टन गेहूं पहुंचा। इसे देखते हुए लगता है कि आज यानी 27 अप्रैल को इसकी सकल आपूर्ति बढ़कर 100 लाख टन से ऊपर पहुंच जाएगी। 

गेहूं की तेजी से बढ़ती आवक के कारण पंजाब में अनेक चुनौतियां एवं समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। इसमें प्रमुख कठिनाई सरकारी एजेंसियों को मंडियों में किसानों से खरीदे जा रहे गेहूं का उठाव एवं सुरक्षित भंडारण करने में हो रही है।

इसके अलावा बदरंग, चमकहीन तथा टूटे-चिपटे दाने वाले गेहूं की जो खरीद हो रही है उसके स्टॉक को अलग से भंडारित करना भी मुश्किल हो रहा है। राज्य के गोदामों-वेयर हाउसों में पहले से ही खाद्यान्न का भारी स्टॉक मौजूद है। 

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस बार पंजाब में 122 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए राज्य में कुल 1872 क्रय केन्द्र खोले गए हैं। राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद का समय तो 1 अप्रैल से ही शुरू हो गया था मगर खरीद की गति मध्य अप्रैल से ही जोर पकड़ सकी। पंजाब की मंडियों में पहुंचे 100 लाख टन गेहूं में से अभी तक केवल 34 लाख टन या एक-तिहाई स्टॉक का ही उठाव हो सका है।

एक केन्द्रीय टीम भी गेहूं की खरीद का जायजा लेने के लिए पंजाब के दौरे पर है। राजस्थान, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पंजाब में भी इस बार गेहूं की क्वालिटी से सम्बन्धित नियमों- शर्तों में ढील दी गई है।

पंजाब में आए गेहूं की कुल मात्रा में कम से कम 35 प्रतिशत भाग को क्षतिग्रस्त आंका गया है जिसके सुरक्षित भंडाण की समस्या गंभीर बनी हुई है।