पीली मटर के कारण अप्रैल-अक्टूबर में दलहनों का आयात बढ़ा
17-Nov-2025 06:17 PM
नई दिल्ली। यद्यपि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले वर्तमान वित्त वर्ष के आरंभिक सात महीनों के दौरान देसी चना, मसूर एवं तुवर के आयात में गिरावट दर्ज की गई और उड़द के आयात में भी सामान्य बढ़ोत्त्तरी हुई
लेकिन पीली मटर का जोरदार आयात होने से दलहनों के कुल आयात में साढ़े पांच लाख टन इजाफा हो गया। अब पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू हो गया है।
आई ग्रेन इंडिया द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर 2024 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान भारत में दलहनों का कुल आयात 24.22 लाख टन से 5.52 लाख टन बढ़कर 29.74 लाख टन पर पहुंच गया।
इसके तहत देसी चना का आयात 1.51 लाख टन से 38 हजार टन गिरकर 1.13 लाख टन, मसूर का 5.00 लाख टन से 1.89 लाख टन घटकर 3.11 लाख टन ओर तुवर का आयात 8.14 लाख टन से घटकर 6.96 लाख टन रह गया।
तुवर के आयात में 1.18 लाख टन की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर समीक्षाधीन अवधि के दौरान उड़द का आयात 4.72 लाख टन से 48 हजार टन बढ़कर 5.20 लाख टन तथा पीली मटर का आयात 4.85 लाख टन से 8.49 लाख टन उछलकर 13.34 लाख टन पर पहुंच गया।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2024-25 की सम्पूर्ण अवधि (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत में दलहनों का कुल आयात उछलकर 69.32 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था जिसमें 21.64 लाख टन पीली मटर,
15.06 लाख टन देसी चना, 12.23 लाख टन तुवर, 12.19 लाख टन मसूर एवं 8.20 लाख टन उड़द का आयात शामिल था मगर इसमें राजमा, लोबिया तथा काबुली चना जैसे दलहनों का आयात सम्मिलित नहीं था।
