पाम तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं
25-Dec-2025 07:48 PM
कुआलालम्पुर। मलेशिया में पाम तेल का विशाल बकाया स्टॉक मौजूद है जबकि अगले महीने इसकी निर्यात मांग मजबूत रहने की संभावना है। एक तरफ चीन सहित कुछ अन्य देशों में ल्यूनर नव वर्ष का त्योहार ग्वाटेमाला है तो दूसरी ओर मुस्लिम बहुत देशों में रमजान का त्यौहार मनाया जाने वाला है।
मलेशिया में पाम तेल के उत्पादन का पीक सीजन समाप्त हो रहा है जिससे अगले दो तीन महीनों तक वहां इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल के उत्पादन में वृद्धि की संभावना कम रहेगी।
ऐसी हालत में पाम तेल की मांग एवं आपूर्ति के बीच काफी हद तक संतुलन बरकरार रहने की उम्मीद की जा रही है। इसे देखते हुए मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) ने जनवरी- मार्च - 2026 की तिमाही के दौरान क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का वायदा भाव 3800 से 4100 रिंगिट प्रति टन के बीच रहने का अनुमान लगाया है।
बोर्ड के अनुसार सीपीओ पर निर्यात शुल्क भी दिसम्बर 2025 के 10 प्रतिशत से घटाकर जनवरी 2026 के लिए 9.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है जिससे निर्यातकों को इसका निर्यात ऑफर मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिलेगी।
दरअसल जनवरी-मार्च की तिमाही के दौरान लैटिन अमरीकी देशों- खासकर ब्राजील में सोयाबीन फसल की जोरदार कटाई-तैयारी होगी जिससे सोया तेल के दाम पर दबाव पड़ सकता है। ब्राजील में इस बार भी सोयाबीन का उत्पादन उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।
अमरीका में इस तिलहन का विशाल स्टॉक मौजूद है और चीन उसकी खरीद में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहा है। चीन में इंडोनेशिया एवं मलेशिया से अच्छी मात्रा में पाम तेल का आयात हो सकता है मगर भारत की स्थिति अनिश्चित रहेगी।
