प्रमुख उत्पादक राज्य में गेहूं का बिजाई क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद

26-Nov-2025 04:06 PM

नई दिल्ली। बेहतर मौसम एवं ऊंचे स्तर के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से उत्साहित किसान इस बार रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की खेती में काफी अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। एक खास बात यह है कि फिलहाल लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं का रकबा गत वर्ष से आगे चल रहा है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में गेहूं के बिजाई क्षेत्र के लक्ष्य में थोड़ी कटौती कर दी गई है लेकिन किसानों के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। वहां सरसों की भी अच्छी बिजाई हो रही है। 

2024-25 के रबी सीजन में केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया था जिसे 2025-26 सीजन के लिए 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल नियत कर दिया है।

इससे किसानों में काफी उत्साह है। भारतीय खाद्य निगम तो इस मूल्य पर गेहूं की खरीद अवश्य करेगा और यदि किसानों को खुले बाजार में अपने उत्पाद की बिक्री करने की इच्छा हुई तब भी उसे 2600 रुपए प्रति क्विंटल या इससे ऊंचा भाव मिल सकता है। 2024-25 के सीजन में भी ऐसा ही हुआ।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गेहूं का उत्पादन उछलकर 1179 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया मगर इसमें से 301 लाख टन ही केन्द्रीय पूल के लिए खरीदा जा सका।

उद्योग-व्यापार क्षेत्र द्वारा किसानों से भारी मात्रा में गेहूं की खरीद की गई जिसका नतीजा यह हुआ कि खुले बाजार में नियमित रूप से इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की अच्छी आवक होती रही और कीमतों पर भी काफी हद तक दबाव बना रहा। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 21 नवम्बर 2025 तक बढ़कर 128.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 107.10 लाख हेक्टेयर से 21.30 हेक्टेयर अधिक है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में इसकी जोरदार बिजाई हुई है।

गेहूं का सामान्य औसत क्षेत्रफल इस बार 312.35 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि वास्तविक रकबा इससे काफी आगे निकल जाने की उम्मीद है।

गेहूं की बोई गई फसल की अच्छी प्रगति हो रही है और बीज में अंकुरण की भी कोई समस्या नहीं है। राजस्थान में गेहूं का रकबा गत वर्ष के 18.53 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 25.42 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।