प्रमुख उत्पादक देशों में मसूर का बिजाई क्षेत्र बढ़ने के आसार

04-Feb-2025 05:09 PM

टोरंटो । एक अग्रणी उद्योग- व्यापार विश्लेषक का कहना है कि आगामी महीनों के दौरान लाल और हरी- दोनों किस्मों की मसूर में अच्छी मांग बरकरार रहेगी और कीमतों में भी स्थिरता या मजबूती का माहौल बरकरार रहेगा।

इसे देखते हुए वर्ष 2025 के दौरान कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं रूस जैसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में मसूर का बिजाई क्षेत्र बढ़ने के आसार हैं। 

वर्ष 2024 के दौरान कनाडा में मसूर का उत्पादन बढ़कर 24.30 लाख टन पर पहुंच गया जो वर्ष 2023 के कमजोर उत्पादन 18 लाख टन से  6.30 लाख टन या 35 प्रतिशत अधिक रहा।

वर्ष 2020 में वहां 29 लाख टन मसूर का शानदार उत्पादन आंका गया था। पिछले बकाया स्टॉक के साथ 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में वहां मसूर की कुल उपलब्धता 2023-24 सीजन से 33 प्रतिशत बढ़कर 27 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है जो 2020-21 सीजन के बाद सबसे ज्यादा है।

मोटी हरी मसूर का स्टॉक 4.60 लाख टन से बढ़कर 5.53 लाख टन, छोटी हरी मसूर का स्टॉक 1.63 लाख टन से सुधरकर 2.39 लाख टन तथा लाल मसूर का स्टॉक 13 लाख टन से उछलकर 18 लाख टन पर पहुंचा। 

2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में कनाडाई मसूर की निर्यात मांग अभी तक बेहतर रही है। स्टैट्स कैन के अनुसार अगस्त-अक्टूबर 2024 की तिमाही के दौरान कनाडा से मसूर का निर्यात एक लाख टन या 21 प्रतिशत बढ़कर 5.81 लाख टन पर पहुंच गया।

इसके तहत खासकर तुर्किए एवं संयुक्त अरब अमीरात को अधिक मात्रा में मसूर का निर्यात किया गया। हालांकि कनाडा में उत्पादन बढ़ने से आयातकों को मसूर का भाव कुछ कमजोर पड़ने की उम्मीद थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उत्पादन बहुत घट जाने से बाजार काफी हद तक मजबूत बना हुआ है।

इसके अलावा वर्ष 2018 से ही मसूर की वैश्विक  मांग में नियमित रूप से बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्ष 2024 में मसूर का कुल वैश्विक उपयोग बढ़कर 67 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है।

ऑस्ट्रेलिया में वर्ष 2019 से 2022 के बीच मसूर की उपलब्धता में 10 लाख टन का इजाफा हुआ लेकिन फिर भी उसे इसका निर्यात करने में कोई कठिनाई नहीं हुई।