पश्चिम एशिया में संकट से बासमती चावल का निर्यात प्रभावित
27-May-2026 08:04 PM
नई दिल्ली। चालू वर्ष के शुरुआती चार महीनों में यानी जनवरी-अप्रैल 2026 के दौरान भारत से चावल का कुल निर्यात घटाकर 83.90 लाख टन रह गया जो वर्ष 2025 के इन्हीं महीनों के शिपमेंट से 1.3 प्रतिशत कम रहा।
इसके तहत खासकर पश्चिम एशिया में संकट के कारण बासमती चावल का शिपमेंट प्रभावित हुआ जबकि सामान्य श्रेणी के चावल का शिपमेंट संतोषजनक रहा।
उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है और वैश्विक निर्यात बाजार में 40-42 प्रतिशत का योगदान देता है। भारत से चावल का निर्यात तीन अन्य शीर्ष आपूर्तिकर्ता देशों- थाईलैंड, वियतनाम एवं पाकिस्तान के संयुक्त शिपमेंट से भी ज्यादा होता है।
पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारत से करीब 70 प्रतिशत बासमती चावल का निर्यात होता है लेकिन वहां मार्च-अप्रैल में महायुद्ध होने से इसका शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित हुआ। वैसे अफ्रीकी देशों में गैर बासमती चावल के निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
