श्रीलंका में पहुंचने के बाद मानसून अब बढ़ेगा भारत की ओर

27-May-2026 05:46 PM

नई दिल्ली। कुछ बाधाओं एवं चुनौतियों को पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून अब श्रीलंका पहुंच गया है और वहां से भारत के दक्षिणी राज्य-केरल की ओर अगले कुछ दिनों में बढ़ेगा। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के दक्षिणी तट पर मानसून के आने की तिथि 26 मई निर्धारित की थी लेकिन कुछ सामुद्रिक हलचलों के कारण यह 26 मई को नहीं पहुंच सका। 

उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में मानसून सामान्यतः 20-22 मई तक पहुंच जाता है मगर इस बार वहां पहुंचने में भी इसे कम से कम 6 दिन की देर हो गई। भारत में आने से पूर्व मानसून का अंतिम पड़ाव श्रीलंका ही है इसलिए यदि मानसून वहां पहुंचा है तो अगले चरण में यह भारत भी पहुंच जाएगा क्योंकि इसके रास्ते की तमाम बाधाएं अब समाप्त हो चुकी हैं।

लेकिन आमतौर पर श्रीलंका से मानसून को भारत आने में करीब एक सप्ताह का समय लग जाता है। यदि इस बार भी ऐसा हुआ तो भारत में मानसून जून के पहले सप्ताह में ही पहुंच सकेगा। हालांकि मानसून की सहायक दक्षिणी-पश्चिमी हवा का प्रवाह जारी है मगर यह कुछ कमजोर है और इसकी गति भी धीमी देखी जा रही है। केरल तट पर इस हवा का अपेक्षित प्रवाह नहीं हो रहा है। 

मौसम विशषज्ञों के अनुसार 2-3 जून तक वायु प्रवाह की हालत काफी हद तक अनुकूल हो जाएगी और मानसून के आने का रास्ता काफी हद तक साफ हो जाएगा। उस समय मानसून को सहयोग देने वाली तथा आगे बढ़ाने वाली दक्षिणी-पश्चिमी एवं पश्चिमी हवा का प्रवाह तेज हो जाने की उम्मीद है।

केरल तट की ओर इसका जोरदार प्रवाह हो सकता है। इस हवा को मानसून का हितैषी माना जाता है। कुल मिलाकर भारत में मानसून के पहुंचने का समय अब मई से बदल कर जून में चला गया है। मौसम विभाग इसका नया अनुमान जारी कर सकता है।