पेट्रोकैमिकल्स से सम्बद्ध कच्चे माल पर आयात शुल्क समाप्त
03-Apr-2026 12:48 PM
नई दिल्ली। स्वदेशी उद्योग की समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने पेट्रोकैमिकल्स से सम्बन्धित 40 उत्पादों (कच्चे माल) पर आयात शुल्क को 30 जून 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है। इन उत्पादों पर 7.5 से 10 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लागू था जिसे तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। इससे खासकर गेहूं की पैकिंग के लिए प्लास्टिक बोरियों की कीमत में कमी तथा उपलब्धता में वृद्धि होने की संभावना है।
प्लास्टिक पोली पैक की आपूर्ति बढ़ने पर गेहूं की पैकिंग के लिए बोरियों का संकट कम हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि अब तक गेहूं की अधिकांश पैकिंग जूट से निर्मित बोरियों (बारदाने) में होती रही है लेकिन इस बार परिस्थिति कुछ भिन्न है। बांग्ला देश से कच्चे जूट का आयात बंद होने के कारण भारत में जूट बारदाने का पर्याप्त स्टॉक मौजूद नहीं है और इसके दाम में भी दोगुनी बढ़ोत्तरी हो गई है। इसे देखते हुए आने राज्यों ने जूट बोरियों की खरीद के लिए जारी टेंडर को या तो निरस्त कर दिया है या नए सिरे से टेंडर निकालने का निर्णय लिया है।
क्रूड खनिज तेल एवं पेट्रोरसायन की कीमतों में आई तेजी के कारण प्लास्टिक बोरियों का दाम भी ऊंचा हुआ है और यदि गेहूं की पैकिंग में बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल हुआ तो कीमतों में आगे और तेजी आ सकती है। लेकिन प्लास्टिक के निर्यात में काम आने वाले कच्चे माल पर आयात शुल्क समाप्त (स्थगित) होने से इसके लागत खर्च में कमी आएगी जिससे कीमतों में कम तेजी आ सकती है। इस बीच देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद का सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हो गया है।
