रबी फसलों का रकबा 306 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा
24-Nov-2025 08:33 PM
नई दिल्ली। अनुकूल मौसम एवं कृषि संसाधनों की समुचित उपलब्धता के सहारे इस बार रबी फसलों के उत्पादन क्षेत्र में काफी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। गेहूं, धान, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज- सबका रकबा गत वर्ष से आगे चल रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष 21 नवम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 306.31 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 272.78 लाख हेक्टेयर से 33.53 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। ज्ञात हो कि मौजूदा रबी सीजन के लिए सामान्य औसत क्षेत्रफल 637.81 लाख हेक्टेयर आंका गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं का बिजाई क्षेत्र 107.09 लाख हेक्टेयर से उछलकर 128.37 लाख हेक्टेयर धान का उत्पादन क्षेत्र 7.59 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 8.26 लाख हेक्टेयर तथा दलहनों का क्षेत्रफल 68.15 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 73.36 लाख हेक्टेयर हो गया।
इसी तरह मोटे अनाजों का रकबा 17.26 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 19.69 लाख हेक्टेयर और तिलहन फसलों का क्षेत्रफल 72.69 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 76.64 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दलहन फसलों में चना, मसूर, मटर एवं कुलथी का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे लेकिन उड़द, मूंग एवं खेसारी का रकबा पीछे चल रहा है। इसी तरह श्री अन्न / मोटे अनाजों के संवर्ग में मक्का, जौ एवं ज्वार के साथ रागी का रकबा भी पिछले साल से आगे है। तिलहन फसलों में सरसों के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है
लेकिन मूंगफली एवं अलसी के बिजाई क्षेत्र में गिरावट देखी जा रही है। सभी रबी फसलों की जोरदार बिजाई का अभियान अभी जारी है और दिसम्बर में भी बरकरार रहेगी। पंजाब-हरियाणा में गेहूं की बिजाई का आदर्श समय समाप्त हो रहा है।
