रबी कालीन दलहन-तिलहन का भाव एमएसपी से नीचे मगर गेहूं- जौ का दाम ऊपर
07-May-2025 12:25 PM
नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं का भाव मार्च- अप्रैल के दौरान 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कुछ ऊंचा रहा और जौ की कीमत भी 1980 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से नीचे नहीं आई मगर चना एवं मसूर जैसे दलहन तथा सरसों जैसी तिलहन का दाम एमएसपी से कुछ नीचे आ गया।
एगमार्कनेट पोर्टल द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च- अप्रैल की अवधि दौरान उत्पादक मंडियों में गेहूं का औसत मूल्य 2476 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से 2.1 प्रतिशत ऊंचा था।
मार्च में यह औसत मूल्य 2600 रुपए प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर पर मौजूद रहा मगर अप्रैल में गिरकर 2451 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। विश्लेषकों के अनुसार यद्यपि सरकार ने बार-बार दावा किया कि चालू वर्ष के दौरान गेहूं का रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन होगा लेकिन मार्च तक अनेक नकारात्मक कारक सक्रिय रहे जिससे इसका भाव ऊंचे स्तर पर बना रहा।
जब अप्रैल में नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी शुरू हुई तब कीमतों पर दबाव पड़ने लगा पिछले तीन साल से गेहूं की सरकारी खरीद नियत लक्ष्य से काफी कम हो रही थी और केन्द्रीय पूल में इसका स्टॉक भी बहुत घट गया था। जनवरी-फरवरी 2025 में गेहूं का दाम काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा था।
जौ के उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा दाम प्राप्त हो रहा है और इसकी कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ है। मार्च-अप्रैल में जौ का औसत मूल्य 2098 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो 1980 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से करीब 6 प्रतिशत ऊंचा था।
1 से 6 मई के दौरान इसका औसत मूल्य बढ़कर 2223 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जो मार्च के औसत मूल्य 2086 रुपए प्रति क्विंटल तथा अप्रैल के औसत मूल्य 2103 रुपए प्रति क्विंटल से काफी ऊंचा है। स्टार्च निर्माताओं द्वारा जौ की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है।
दूसरी ओर रबी सीजन के सबसे प्रमुख दलहन-चना तथा मसूर और सबसे प्रमुख तिलहन- सरसों का थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य की तुलना में 2 से 9 प्रतिशत तक पीछे चल रहा था।
वर्ष 2022 में भी ऐसा ही हुआ था जब मार्च-अप्रैल के दौरान इन दलहनों-तिलहनों का दाम एमएसपी से 2-8 प्रतिशत तक नीचे गिर गया था। 2024-25 के रबी सीजन हेतु चना का एमएसपी 5650 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर का 6700 रुपए प्रति क्विंटल तथा सरसों का 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मार्च-अप्रैल में औसत भाव इससे नीचे रहा।
