रबी कालीन धान का क्षेत्रफल 2.67 लाख हेक्टेयर बढ़ा
06-Jan-2026 08:47 PM
नई दिल्ली। देश में करीब 80-85 प्रतिशत धान-चावल का उत्पादन खरीफ सीजन में और शेष 15-20 प्रतिशत का उत्पादन रबी एवं जायद (ग्रीष्मकालीन) सीजन के दौरान होता है। खरीफ कालीन धान की खेती जून से सितम्बर के दौरान होती है जबकि रबी सीजन में धान की खेती नवम्बर से जनवरी के बीच की जाती है।
इस बार खरीफ सीजन में धान का रकबा तेजी से उछलकर 441 लाख हेक्टेयर के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था जिससे चावल के रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद की जा रही है। अनेक राज्यों में धान के नए माल की आवक एवं सरकारी खरीद जारी है।
इस बीच रबी कालीन धान का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 14.90 लाख हेक्टेयर से 2.67 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 17.57 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है लेकिन अभी यह पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 42.93 लाख हेक्टेयर और पिछले रबी सीजन के कुल उत्पादन क्षेत्र 44.73 लाख हेक्टेयर से काफी पीछे है।
देश के कुछ राज्यों और खासकर दक्षिण भारत में रबी कालीन धान की खेती अभी जोर-शोर से जारी है और जनवरी 2026 के अंत तक इसका सिलसिला बरकरार रहने की संभावना है। इससे धान का कुल रकबा गत वर्ष के आसपास या उससे ऊपर पहुंच सकता है।
हालांकि घरेलू प्रभाग में चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बेहद सुगम बनी हुई है और कीमतों में भी स्थिरता देखी जा रही है जबकि सरकारी गोदामों में चावल का भरपूर स्टॉक मौजूद है लेकिन इसके बावजूद धान की खेती में किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है।
