रबी कालीन धान का रकबा गत वर्ष से आगे

25-Nov-2025 08:39 PM

नई दिल्ली। खरीफ कालीन धान की जोरदार आवक एवं सरकारी खरीद अभी जारी है जबकि रबी सीजन के लिए भी इसकी खेती जोर पकड़ती जा रही है।

रबी सीजन के दौरान धान की खेती मुख्यतः दक्षिण एवं पूर्वी भारत में होती है जहां तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल एवं आसाम आदि में इसका अच्छा उत्पादन होता है। 

2025-26 के खरीफ सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर धान का क्षेत्रफल उछलकर 441 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए थोड़े-बहुत नुकसान के बावजूद इस बार धान-चावल का शानदार उत्पादन होने के आसार है जिससे इसकी सरकारी खरीद में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। 

जहां तक मौजूदा खरीफ सीजन का सवाल है तो 21 नवम्बर तक धान का उत्पादन क्षेत्रफल बढ़कर 8.25 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के रकबा 7.60 लाख हेक्टेयर से 65 हजार हेक्टेयर ज्यादा है।

वर्तमान रबी सीजन के लिए धान का सामान्य औसत क्षेत्रफल 42.93 लाख हेक्टेयर आंका गया है  जिसके सापेक्ष अभी 20 प्रतिशत क्षेत्र में इसकी खेती पूरी हुई है।

दक्षिण-भारत में उत्तर-पूर्व मानसून सक्रिय है जिससे वहां अच्छी वर्षा हो रही है। इस बारिश से किसानों को धान की रोपाई करने में अच्छी सहायता मिलेगी। 

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन की तुलना में 69 रुपए बढ़ाकर सामान्य श्रेणी के लिए 2369 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2389 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है

जो किसानों के लिए आकर्षक है चूंकि इस न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की विशाल सरकारी खरीद होती है इसलिए किसान काफी लाभान्वित होते हैं।