राजस्थान में खरीफ फसलों का रकबा 145.03 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

05-Aug-2026 04:17 PM

जयपुर। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में हाल के दिनों में हुई अच्छी मानसूनी वर्षा से खरीफ फसलों की बिजाई में काफी प्रगति हुई है और 4 अगस्त 2026 तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 145.03 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 146.69 लाख हेक्टेयर से केवल 1.66 लाख हेक्टेयर कम है।

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान तथा मोटे अनाजों का संयुक्त उत्पादन क्षेत्र 56.37 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 58.75 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसके तहत यद्यपि धान एक उत्पादन क्षेत्र 3.41 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 3.24 लाख हेक्टेयर रह गया मगर बाजरा का बिजाई क्षेत्र 39.09 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 39.52 लाख हेक्टेयर, ज्वार का क्षेत्रफल 4.98 लाख हेक्टेयर से उछलकर 6.31 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 8.88 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.67 लाख हेक्टेयर हो गया।

दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 35.54 लाख हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 35.95 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके तहत मूंग का बिजाई क्षेत्र 23.24 लाख हेक्टेयरसे घटकर 22.69 लाख हेक्टेयर तथा चौला का बिजाई क्षेत्र 58 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 56 हजार हेक्टेयर रह गया मगर मोठ का क्षेत्रफल 8.59 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 8.72 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का रकबा 3.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.94 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। तुवर की खेती सीमित क्षेत्रफल में हुई है। 

इसी तरह तिलहनों का उत्पादन क्षेत्र भी पिछले साल के 21.51 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 22.49 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा। इसके अंतर्गत तिल का रकबा 1.44 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.65 लाख हेक्टेयर, मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 9.68 लाख हेक्टेयर से उछलकर 10.86 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का क्षेत्रफल 63 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 72 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 9.77 लाख हेक्टेयर से गिरकर 9.26 लाख हेक्टेयर रह गया। पहले इसमें भारी गिरावट आ गई थी। 

असली गिरावट कपास तथा ग्वार की बिजाई में देखी जा रही है। पिछले साल के मुकाबले मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में कपास का उत्पादन क्षेत्र 6.29 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.34 लाख हेक्टेयर और ग्वार का क्षेत्रफल 23.45 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 18.81 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। राज्य में फसलों की बिजाई अभी जारी है।