राजस्थान में खरीफ दलहनों का उत्पादन 23.49 लाख टन होने का अनुमान

06-Nov-2025 04:20 PM

जयपुर। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में इस वर्ष खरीफ दलहन फसलों की बिजाई तो कुल मिलाकर अच्छी हुई थी मगर बाढ़-वर्षा एवं खेतों में जल भराव आदि समस्या के कारण न केवल फसलों को नुकसान हुआ बल्कि इसकी उपज दर में भी कमी आ गई। 

राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में दलहन फसलों का कुल उत्पादन 23,49,121 टन होने का आरंभिक अनुमान है।

इसमें 16,74,961 टन मूंग, 4,46,401 टन मोठ, 1,68,436 टन उड़द, 51,660 टन चौला 7593 टन तुवर एवं 70 टन अन्य दलहनों का उत्पादन शामिल है। ध्यान देने वाली बात है कि राजस्थान देश में मूंग एवं मोठ का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है। 

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में मूंग का बिजाई क्षेत्र बढ़कर 23,74,596 हेक्टेयर पर पहुंच गया।

इसके अलावा 9,19,030 हेक्टेयर में मोठ, 3,12,599 हेक्टेयर में उड़द, 49,684 हेक्टेयर में चौला, 7972 हेक्टेयर में तुवर तथा 102 हेक्टेयर में अन्य दलहनों की खेती हुई। इस तरह राज्य में खरीफ कालीन दलहन फसलों का कुल बिजाई क्षेत्र सुधरकर 36,63,983 हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

लेकिन राजस्थान में दलहनों की औसत उत्पादकता दर महज 641 किलो प्रति हेक्टेयर पर अटक जाने का अनुमान लगाया है। इसके तहत मूंग की औसत उपज दर 705 किलो प्रति हेक्टेयर, मोठ की 486 किलो, उड़द की 539 किलो, चौला की 1040 किलो तथा तुवर की औसत उपज दर 952 किलो प्रति  हेक्टेयर रहने की संभावना है। 

बाढ़ का पानी उतरने के बाद राज्य में खरीफ कालीन दलहन फसलों और खासकर मूंग, मोठ तथा उड़द की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई। मंडियों में नए माल की आवक बढ़ने लगी है

लेकिन मांग कमजोर होने तथा नमी का अंश ज्यादा रहने के कारण फिलहाल इसकी कीमतों में तेजी का माहौल नहीं देखा जा रहा है। समझा जाता है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद आरंभ होने के बाद मूंग का भाव सुधर सकता है।