राजस्थान में मूंग की खरीद का लक्ष्य बहुत छोटा होने से किसानों में असंतोष

18-Nov-2024 12:03 PM

जयपुर । हालांकि राजस्थान के कृषि विभाग ने 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान राज्य में 1.80 करोड़ क्विंटल (18 लाख टन) मूंग के उत्पादन का अनुमान लगाया है मगर केन्द्र सरकार ने वहां इसके महज 11.4 प्रतिशत भाग की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की अनुमति दी है।

एक अग्रणी किसान संगठन ने इस बार गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्ष 2018 में केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान आरंभ किया था जिसके तहत किसी राज्य में उत्पादित जिंस के 25 प्रतिशत भाग की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करने का निर्णय लिया गया था।

इसके बाद मार्च 2024 में सरकार ने उड़द, मसूर एवं तुवर की खरीद के लिए 25 प्रतिशत की उच्चतम सीमा को भी समाप्त कर दिया मगर मूंग के लिए इस सीमा को बरकरार रखा गया है। अब इस खरीद सीमा में भी भारी कटौती कर दी गई है जिससे किसानों को काफी कठिनाई हो रही है। 

यदि 25 प्रतिशत की सीमा भी लागू रहती तो इस वर्ष राजस्थान में करीब 44.53 लाख क्विंटल मूंग की सरकारी खरीद हो सकती थी लेकिन केन्द्र सरकार ने केवल 20.33 लाख क्विंटल की खरीद का लक्ष्य नियत किया है जो कुल अनुमानित उत्पादन का सिर्फ 11.41 प्रतिशत है। 

किसान संगठन के अनुसार मूंग की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना भी इस बार किसानों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है जबकि राजस्थान में तथाकथित डबल इंजन की सरकार है और केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भी राजस्थान के अजमेर लोक सभा क्षेत्र से सांसद है जबकि राज्य में अजमेर मूंग का एक अग्रणी उत्पादक जिला माना जाता है।

ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्र के समक्ष राजस्थान सरकार काफी कमजोर पड़ गई। देश में मूंग का लगभग आधा उत्पादन राजस्थान में होता है।

मूंग का एमएसपी इस बार 8682 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है जबकि राजस्थान की मंडियों में इसका भाव महज 4000 से 7000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।