राशन में एक साथ तीन माह का खाद्यान्न वितरित किए जाने की संभावना
12-May-2025 11:48 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में मौजूद खाद्यान्न के अत्यन्त विशाल स्टॉक को घटाने के लिए सरकार देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र मासिक प्रदेशों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में तीन माह के राशन का उठाव एक ही साथ करने की अनुमति दे सकती है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास चावल के साथ-साथ अब गेहूं का भी भारी स्टॉक उपलब्ध है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त में खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चावल तथा गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए जगह की कमी हो सकती है जबकि अगले महीने से मानसून की बारिश आरंभ होने वाली है।
गोदामों में स्थान खाली नहीं होने से मंडियों में खरीदें गए गेहूं के उठाव की गति धीमी बनी हुई है। सरकार चाहती है कि राज्यों को एक ही साथ तीन महीनों का राशन वितरित करके इसका उठाव बढ़ाया जाए और केन्द्रीय भंडारण खर्च में कमी की जा सके। राज्यों को भी एक साथ खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण करने में सुविधा होगी।
गेहूं की सरकारी खरीद अभी जारी है और रबी कालीन धान भी खरीदा जा रहा है जिससे केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का स्टॉक बढ़ रहा है। खरीद कालीन धान-चावल की भारी खरीद पहले ही हो चुकी है और आगामी अक्टूबर से पुनः आरंभ हो जाएगी। व्यापारिक फर्मों के पास भी गेहूं चावल का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है।
सरकार ने एथनॉल निर्माताओं के लिए चावल का आवंटित कोटा 24 लाख टन से बढ़ाकर 52 लाख टन निर्धारित कर दिया है जिससे स्टॉक पर दबाव कुछ घटने की संभावना है। इस चावल का आरक्षित मूल्य 2250 रुपए प्रति क्विंटल नियत है।
राशन में दो-तीन माह के खाद्यान्न का आवंटन होना कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व कोरोना महामारी के समय भी दो माह का राशन एकमुश्त दिया गया था।
सरकार अपना स्टॉक घटाकर उचित स्तर पर लाने का प्रयास कर रही है और केवल अधिशेष स्टॉक को ही निपटाना चाहती है। इससे अनाज को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।
