संभावित मांग के अनुरूप कोटा आने से चीनी के दाम में भारी उछाल की उम्मीद कम
01-Oct-2024 12:12 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने अक्टूबर माह के लिए 25.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा नियत किया है जो सितम्बर के कोटा 23.50 लाख टन से 2 लाख टन ज्यादा है।
आमतौर पर देश में प्रति माह 22-23 लाख टन चीनी की खपत होती है जबकि गर्मी के महीनों तथा त्यौहारी सीजन के दौरान इसमें 1-2 लाख टन का इजाफा हो जाता है।
अक्टूबर पर्व-त्यौहारों का पीक महीना माना जाता है इसलिए इसमें 25-26 लाख टन तक चीनी का उपयोग होने की संभावना रहती है। नवरात्रि का पर्व जल्दी ही शुरू होने वाला है जिसमें आमतौर पर चीनी की मांग ज्यादा रहती है।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों के मुताबिक अक्टूबर का फ्री सेल कोटा चीनी की घरेलू मांग एवं आपूर्ति की दृष्टि से लगभग संतुलित है और इसलिए इसकी कीमतों में सामान्य तेजी-मजबूती का माहौल तो रह सकता है लेकिन जोरदार उछाल आने की संभावना कम है।
इस बार महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बिहार एवं हरियाणा जैसे राज्यों के लिए चीनी का पर्याप्त कोटा निर्धारित किया गया है जबकि कर्नाटक, पंजाब, मध्य प्रदेश एवं उत्तराखंड के लिए कोटा लगभग सामान्य है।
देश के पूर्वोत्तर राज्यों में चीनी का उत्पादन नहीं होता है और वहां अन्य राज्यों से इसे मंगाया जाता है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों में चीनी का उत्पादन नहीं होता है और वहां अन्य राज्यों में इसे मंगाया जाता है।
झारखंड, पश्चिम बंगाल, आसाम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम जैसे प्रांतों में बिहार, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि महाराष्ट्र से भी चीनी मंगाई जाती है।
सरकार ने अक्टूबर माह में महाराष्ट्र के 9.64 लाख टन, उत्तर प्रदेश के लिए 8.21 लाख टन तथा कर्नाटक के लिए 3.24 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा नियत किया है जिससे मिलर्स को अतिरिक्त चीनी का प्रवाह बनाए रखने में सुविधा होगी।
चूंकि चीनी के व्यापारिक निर्यात पर जून 2023 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है और निकट भविष्य में इसे हटाए जाने की संभावना भी नहीं है इसलिए मिलर्स को घरेलू प्रभाग में ही अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
चीनी के दाम में फिलहाल गिरावट आने की संभावना तो नहीं है मगर इसमें भारी तेजी की गुंजाईश भी नहीं दिख रही है।
