साइक्लोनिक सर्कुलेशन से तटवर्ती क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना
21-Oct-2024 11:11 AM
तिरुअनन्तपुरम । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि देश के तटवर्ती क्षेत्रों में अगले एक-दो दिन के दौरान अत्यन्त मूसलाधार बारिश हो सकती है क्योंकि मध्य्वर्ती अंडमान सागर के ऊपर ऊधर्वमुखी वायु का साइक्लोनिक सर्कुलेशन पिछले दिन उत्तरी अंडमान सागर की ओर मुड़ गया है।
अगले 24 घंटे में इस सर्कुलेशन के कारण पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तथा इसके समीपवर्ती उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे समुद्र तट के आसपास के इलाकों में तेज हवा के साथ भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार यह सर्कुलेशन पहले पश्चिमी-पश्चिमोत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ेगा और 22 अक्टूबर की सुबह तक एक डिप्रेशन के रूप में सघन हो जाएगा जबकि 23 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक च्रकवाती तूफान का रूप के सकता है।
उसके बाद इसके पश्चिमोतर दिशा की ओर आगे बढ़ने की आशंका है जिससे यह 24 अक्टूबर की सुबह तक उड़ीसा-पश्चिम बंगाल तट के पास बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय हो जाएगा।
इन घटनाक्रमों को देखते हुए मौसम विभाग ने एक चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक तथा अंडमान निकोबार दीप समूह में अत्यन्त भारी बारिश हो सकती है जबकि गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय एवं उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, रायलसीमा एवं आंध्र प्रदेश के अन्य भागों में भारी वर्षा होने की संभावना है।
इससे पूर्व 19 अक्टूबर को मौसम विभाग ने तमिलनाडु के अनेक क्षेत्रों में भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया था जो सही साबित हुआ।
जानकारों का कहना है कि इस बारिश से दक्षिणी राज्यों में खरीफ सीजन की पकी हुई तथा पक रही फसलों को नुकसान हो सकता है और उसकी कटाई-तैयारी में बाधा पड़ सकती है।
इसी तरह भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में रबी फसलों फसलों की बिजाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। पिछैती बिजाई वाली खरीफ फसलों को कम क्षति होगी। दलहन, तिलहन एवं कपास की फसल पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
