सूखे मेवों से लदे 309 कंटेनरों वाले जहाज को बंदरगाह पर रोका गया
17-Feb-2026 04:23 PM
मुम्बई। भारतीय कस्टम अधिकारियों द्वारा विदेशों से आयातित सूखे मेवों की एक खेप को मुम्बई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर रोक दिया गया है। कोमोरोस का झंडा लगे इस जहाज- डब्ल्यू आई बी रेपका पर करीब 310 कंटेनरों में सूखे मेवे का स्टॉक मौजूद है। कथित तौर पर इसे अफगानिस्तान का माल बताया जा रहा है लेकिन अधिकारियों को इस पर संदेह है। उन्हें लगता है कि यह खेप ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट से भारत भेजी गई है।
दरअसल साफ्टा संधि के अंतर्गत अफगानिस्तान से आयातित माल पर सीमा शुल्क तो नहीं या नगण्य लगता है जबकि ईरान से होने वाले आयात पर पूरा शुल्क लागू होता है। राजस्व सतर्कता विभाग को जानकारी मिली थी कि इस जहाज पर लदे माल (सूखे मेवे) के बारे में जो कुछ खास सूचना दी गई है वह भ्रामक एवं गलत है। इस सूखे मेवे के मूल उद्गम देश के बारे में जानकारी सही नहीं है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने जहाज को करीब 15 दिन पहले बंदरगाह पर रोक दिया था और इसकी छानबीन शुरू कर दी थी।
यद्यपि आयात दस्तावेज में स्पष्ट कहा गया है कि सूखे मेवे के सभी कंटेनरों की लोडिंग बंदर अब्बास पोर्ट पर ही जहाजों में की गई थी (क्योंकि अफगानिस्तान के पास अपना कोई बंदरगाह नहीं है) लेकिन भारतीय अधिकारी जहाज के चालकों से और अधिक विवरण जानने के लिए सवाल कर रहे हैं।
कस्टम विभाग की केन्द्रीय सतर्कता इकाई द्वारा 16 फरवरी को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और अब तक की जांच से पता चला है कि इस आयात के संदर्भ में करीब 50 करोड़ रुपए की शुल्क चोरी का प्रयास किया गया है। इस जहाज पर लदे सूखे मेवों और खासकर अखरोट को अफगान मूल का बताया जा रहा है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वह अखरोट अफगानिस्तान का नहीं है।
