सामान्य बारिश के बावजूद तेलंगाना में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे

24-Jul-2025 11:15 AM

हैदराबाद। हालांकि अब दक्षिणी राज्य- तेलंगाना में मानसून की जोरदार बारिश होने लगी है और इसका सिलसिला अगले दो-तीन दिन तक बरकरार रहने का अनुमान है लेकिन इससे पूर्व राज्य के कई जिलों में वर्षा कम हुई थी।

इसके बावजूद वहां खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार 23 जुलाई तक बढ़कर 76.28 लाख एकड़ पर पहुंच गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 66.33 लाख एकड़ से 9.95 लाख एकड़ ज्यादा है। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान राज्य में धान, मक्का, तुवर तथा कपास के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन सोयाबीन का रकबा कुछ पीछे हो गया है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान तेलंगाना में धान का उत्पादन क्षेत्र 10.54 लाख एकड़ से उछलकर 17.52 लाख एकड़ तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 3.64 लाख एकड़ से बढ़कर 5.21 लाख एकड़ पर पहुंच गया ज्वार का रकबा 29-30 हजार एकड़ पर स्थिर है। धान सहित अनाजी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 14.48 लाख एकड़ से उछलकर इस बार 23.03 लाख एकड़ पर पहुंच गया है। 

दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 4.43 लाख एकड़ से सुधरकर इस बार 4.87 लाख एकड़ पर पहुंच गया है। इसमें मुख्यत: तुवर का योगदान है जिसका रकबा 3.66 लाख एकड़ से बढ़कर 4.22 लाख एकड़ पर पहुंचा है। 

दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 4.43 लाख एकड़ से सुधरकर इस बार 4.87 लाख एकड़ पर पहुंच गया है। इसमें मुख्यत: तुवर का योगदान है जिसका रकबा 3.66 लाख एकड़ से बढ़कर 4.22 लाख एकड़ पर पहुंचा है। दूसरी ओर मूंग का बिजाई क्षेत्र 58 हजार एकड़ से घटकर 50  हजार एकड़ तथा उड़द का क्षेत्रफल 18 हजार एकड़ से गिरकर 15 हजार एकड़ पर सिमट गया। 

तिलहन फसलों की बिजाई भी इस बार कम क्षेत्रफल में हुई है। इसका उत्पादन क्षेत्र 3.71 लाख एकड़ से गिरकर 3.51 लाख एकड़ रह गया। इसके तहत सोयाबीन का रकबा 3.63 लाख एकड़ से घटकर 3.50 लाख एकड़ पर अटक गया। इसी तरह मूंगफली एवं अरंडी की बिजाई भी काफी पीछे चल रही है और आगे इसमें कुछ सुधार आने के आसार हैं। 

नकदी या औद्योगिक फसलों में गन्ना तथा कपास के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी वृद्धि देखी जा रही है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान गन्ना का रकबा 90 एकड़ से उछलकर 22 हजार एकड़ पर तथा कपास का बिजाई क्षेत्र 39.81 लाख एकड़ से बढ़कर 42 लाख एकड़ पर पहुंच गया। 

मौसम विभाग ने राज्य में 26 जुलाई तक भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है जिससे वहां किसानों को खासकर धान की रोपाई की रफ्तार बढ़ाने में अच्छी सहायता मिलेगी।