साप्ताहिक समीक्षा-चीनी
16-Nov-2024 07:12 PM
सीमित मांग के कारण चीनी के दाम में उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली । मार्केट में अच्छी उपलब्धता के बीच मांग सीमित रहने से 9-15 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान चीनी के दाम में कहीं तेजी तो कहीं मंदी रही। इसका मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 52 रुपए प्रति क्विंटल, पंजाब में 50 रुपए, मध्य प्रदेश में 40 रुपए तथा बिहार में 60 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। गुजरात में भी इसमें नरमी का ही माहौल देखा गया।
कोटा
हालांकि केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने घरेलू बाजार में बिक्री के लिए चीनी का मासिक कोटा अक्टूबर के 25.50 लाख टन से घटाकर नवम्बर में 22 लाख टन निर्धारित किया है और अब लग्नसरा तथा मांगलिक उत्सवों का सीजन भी आरंभ हो गया है मगर चीनी के बाजार में तेजी का माहौल नहीं बन पाया है। मांग के अनुरूप चीनी की समुचित आपूर्ति हो रही है।
हाजिर भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का हाजिर भाव दिल्ली में 4150/4250 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा मगर इंदौर में 30 रुपए घटकर 3920/4020 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के रायपुर में यह 20-30 रुपए के सुधार के साथ 3900/4000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। वहां चीनी में खरीदारों की मांग कुछ अच्छी रही।
मुम्बई
मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी का भाव 3650/3850 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3600/3800 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा लेकिन महाराष्ट्र में चीनी का टेंडर मूल्य बढ़कर 3420/3600 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में टेंडर मूल्य 3480/3640 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। उधर कोलकाता में चीनी का हाजिर भाव 30-40 रुपए प्रति क्विंटल नरम पड़ गया।
उत्पादन
त्यौहारी सीजन की समाप्ति के बाद चीनी के दाम में नरमी आना कोई असामान्य घटना नहीं है लेकिन आगे इसमें कुछ सुधार आने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। चीनी का घरेलू उत्पादन गत वर्ष से पीछे चल रहा है क्योंकि अधिकांश उत्पादक राज्यों में 15 नवम्बर तक गन्ना की क्रशिंग शुरू नहीं हुई थी। वैसे भी 2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 सीजन के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन कम होने का अनुमान है। चीनी के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
