साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
17-May-2025 07:58 PM
आपूर्ति की अच्छी स्थिति से चीनी का भाव कुछ नरम
नई दिल्ली। हालांकि घरेलू प्रभाग में चीनी की औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है और अन्य उद्देश्यों में भी इसका उपयोग हो रहा है लेकिन आपूर्ति एवं उपलब्धता की बेहतर स्थिति के कारण 10 से 16 मई वाले सप्ताह के दौरान इसका भाव या तो स्थिर या नरम रहा।
मिल डिलीवरी भाव
चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 रुपए प्रति क्विंटल बिहार में 20 रुपए तथा पंजाब में 30 रूपए प्रति क्विंटल घट गया जबकि मध्य प्रदेश में 15 रुपए तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 रुपए प्रति क्विंटल सुधर गया। गजरात में भी इसमें 10-20 रुपए का उतार चढ़ाव देखा गया।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 4300/4400 रुपए प्रति क्विंटल, इंदौर में 4170/4270 रुपए प्रति क्विंटल तथा रायपुर में 4125/4200 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा। कोलकाता में भी 4280/4400 रुपए प्रति क्विंटल के मूल्य स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ लेकिन मुम्बई (वाशी) मार्केट में यह 20 रुपए गिरकर 3930/4130 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। इसका नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य में 20 रुपए की गिरावट के साथ 3880/4080 रुपए प्रति क्विंटल पर अटक गया।
टेंडर
महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में 10-20 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई जबकि कर्नाटक में टेंडर मूल्य नरम रहा। वहां इसमें 50 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई।
उत्पादन
2024-25 सीजन के लिए चीनी का मुख्य उत्पादन अभियान समाप्त हो चुका है और इस बार कुल उत्पादन घटकर 257.50 लाख टन के करीब रह गया। तमिलनाडु एवं कर्नाटक में विशेष सत्र के दौरान करीब 3.50 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है जिससे पूरे सीजन का कुल उत्पादन 261 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है फिर भी वह 2023-24 सीजन के सकल उत्पादन 319 लाख टन से 58 लाख टन कम होगा। तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक के अलावा गुजरात तथा तमिलनाडु समेत अन्य उत्पादक राज्यों में भी चीनी के उत्पादन में कमी आई है।
स्टॉक
इस्मा ने सीजन के अंत में 53 लाख टन चीनी का अधिशेष स्टॉक बचने का अनुमान लगाया है मगर वह 280 लाख टन की अनुमानित घरेलू खपत पर आधारित है। यदि घरेलू खपत उससे अधिक हुआ तो बकाया स्टॉक में कमी आ सकती है। लेकिन अगले सीजन में उत्पादन कुछ बेहतर होने के आसार हैं। नया मार्केटिंग सीजन अक्टूबर 2025 में आरंभ होगा।
निर्यात
चीनी का निर्यात 10 लाख टन के नियत लक्ष्य से कम होने की संभावना है। इससे स्टॉक में वृद्धि हो सकती है। गर्मी के महीनों में चीनी की औधोगिक मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।
