साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

16-Nov-2024 07:16 PM

दिल्ली में गेहूं का भाव तेज- अन्य मंडियों में मिश्रित रूख  

नई दिल्ली । सरकारी स्टॉक मिलने की उम्मीद खत्म होने के बाद मिलर्स-प्रोसेसर्स को अपनी जरूरत की पूर्ति के लिए गेहूं की खरीद हेतु थोक मंडियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है जिससे वहां कीमतों में प्राय: तेजी-मजबूती का माहौल देखा जा रहा है। 9 -15 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव 50 रुपए बढ़कर 3170/3180 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। 
गुजरात 
गुजरात के राजकोट में भी गेहूं के दाम में 50 रुपए की तेजी रही मगर मध्य प्रदेश की बेंचमार्क इंदौर मंडी में गेहूं का मूल्य 100 रुपए घटकर 2850/3300 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया क्योंकि वहां ऊंचे दाम पर इसकी मांग कुछ कमजोर देखी गई। डबरा में भी भाव 20 रुपए नरम रहा जबकि खंडवा में 50 रुपए तथा इटारसी में 70 रुपए की तेजी रही। 
राजस्थान 
गेहूं का दाम राजस्थान के कोटा में 33 रुपए तथा बूंदी में 45 रुपए नरम लेकिन बारां मंडी में 25 रुपए तेज रहा। उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में भी गेहूं के दाम में 10 से 40 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट रही मगर एक-दो मंडियों में भाव 5-10 रुपए सुधर गए।
स्टॉक 
केन्द्र सरकार का कहना है कि देश में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और मंडियों में इसकी अच्छी आपूर्ति भी हो रही है जबकि कीमतों में काफी हद तक स्थिरता बनी हुई है इसलिए फिलहाल न तो विदेशों से इसके शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने की जरूरत है और नहीं खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत सरकारी स्टॉक से गेहूं की बिक्री शुरू करने की आवश्यकता है। 
बिजाई 
रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बिजाई तो आरंभ हो गई है मगर इसकी गति कुछ धीमी चल रही है। सरकार ने इसका उत्पादन लक्ष्य 1150 लाख टन निर्धारित किया है जबकि इसका बिजाई क्षेत्र 335 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचने का अनुमान लगाया है। खरीफ फसलों की कटाई अब जोर पकड़ने लगी है इसलिए गेहूं की बिजाई की रफ्तार आगामी समय में बढ़ने के आसार हैं। सरकार के पास गेहूं का भारी-भरकम स्टॉक नहीं है इसलिए वह सावधानी से इसका उपयोग करना चाहती है।