साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

02-Aug-2025 08:53 PM

एमपी एवं राजस्थान की कुछ मंडियों में गेहूं का भाव नरम 
 
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में गेहूं की आपूर्ति की गति धीमी पड़ती जा रही है जबकि खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत सरकारी गेहूं की नीलामी बिक्री अभी आरंभ नहीं हुई है। सरकार संभवतः बाजार भाव के तेज होने की प्रतीक्षा कर रही है। ओएमएसएस  वाले गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) पहले ही 2550 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया जा चुका है। कीमतों में भारी तेजी का माहौल बनने के बाद ही सरकार अपना गेहूं बेचना चाहेगी।
दिल्ली  
26 जुलाई से 1 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 45 रुपए बढ़कर 2855/2865 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जबकि इसकी दैनिक आवक 8-10 हजार बोरी की रही मगर 31 जुलाई को बढ़कर 14 हजार बोरी पर पहुंच गई। 
गुजरात 
गुजरात के राजकोट में भाव 200 रुपए की वृद्धि के साथ 2500/3200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास एवं खंडवा में इसकी कीमत क्रमश: 50 रुपए, 150 रुपए एवं 50 रुपए नरम रहा। इंदौर में भाव 2500/3200 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। राज्य की अन्य मंडियों में गेहूं का भाव या तो स्थिर रहा या 50-55 रुपए बढ़ गया।
राजस्थान 
राजस्थान की मंडियों में मिश्रित रुख देखा गया। मिलर्स की मांग से कोटा में भाव 50 रुपए सुधरकर 2600/2750 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर बारां में कमजोर कारोबार के कारण दाम 50 रुपए तथा बूंदी में 45 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आ गया। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं के दाम में 30-40 रुपए  प्रति क्विंटल तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। महाराष्ट्र के जालना में कारोबार सामन्य एवं भाव स्थिर रहा। 
स्टॉक / आपूर्ति 
सरकार के पास 50-60 लाख टन गेहूं का अधिशेष स्टॉक बताया जा रहा है जिसे ओएमएसएस के माध्यम से मिलर्स-प्रोसेसर्स को उपलब्ध करवाया जा सकता है। लेकिन नीलामी की प्रक्रिया कब से शुरू होगी इसका अभी खुलासा नहीं किया गया है। पिछले महीने केन्द्रीय खाद्य सचिव ने कहा था कि घरेलू मंडियों में गेहूं की अच्छी आपूर्ति हो रही है और कीमतों में भी ज्यादा तेजी नहीं देखी जा रही है इसलिए फिलहाल ओएमएसएस शुरू करने की आवश्यकता नहीं है। इस खुलासे के बाद मंडियों में गेहूं का दाम सुधरने लगा और खरीदारों की सक्रियता बढ़ गई।