साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
11-Oct-2025 07:27 PM
सुस्त कारोबार के बीच गेहूं की कीमतों में मंदी
नई दिल्ली। उम्मीद के विपरीत गेहूं बाजार में 4-10 अक्टूबर के दौरान सुस्ती का माहौल देखा गया। मध्य प्रदेश की अधिकांश मंडियों तथा दिल्ली में भाव पुराने स्तर पर ही स्थिर रहे जबकि राज्थान एवं उत्तर प्रदेश में कीमत 20 से 40 रुपए प्रति क्विंटल तक घट गई।
गुजरात / महाराष्ट्र
दूसरी ओर गुजरात एवं महाराष्ट्र में इसका दाम कहीं-कहीं 50-100 रुपए तेज हो गया। नियंत्रित बाजार भाव एवं सुगम आपूर्ति को देखते हुए सरकार को अपने स्टॉक से खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं बहने की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। मंडियों में गेहूं की सामान्य आवक हो रही है।
भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव 2810/2835 रुपए प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर बरकरार रहा मगर गुजरात के राजकोट में 100 रुपए बढ़कर 2500/3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा महाराष्ट्र के जालना में 50 रुपए सुधरकर 2500/2650 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
मध्य प्रदेश / राजस्थान
दूसरी ओर मध्य प्रदेश की अधिकांश मंडियों में गेहूं का भाव स्थिर रहा जबकि इटारसी में 20 रुपए गिरकर 2450/2530 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसी तरह गेहूं का दाम राजस्थान की कोटा मंडी में 40 रुपए घटकर 2450/2610 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी मंडी में 30 रुपए गिरकर 2470/2540 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
आवक
कोटा में गेहूं की आवक 3000 बोरी से बढ़ते हुए 10,000 बोरी तक पहुंच गई। बूंदी में आवक 2000 से 4000 बोरी के बीच हुई।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की अधिकांश प्रमुख मंडियों में गेहूं का भाव नरम देखा गया। इसके हरदोई, शाहजहांपुर, गोरखपुर, गोंडा तथा मैनपुरी आदि शामिल है। गेहूं पर भंडारण सीमा लागू है और मंडियों में सामन्य ढंग से इसकी आपूर्ति हो रही है। सरकारी स्टॉक का दबाव भी है।
नरमी / स्थिरता
उम्मीद की जा रही थी कि 2025-26 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा होने पर बाजार को कुछ मनोवैज्ञानिक समर्थन मिलेगा मगर ऐसा नहीं हो सका। कीमतों में स्थिरता या नरमी का माहौल बना हुआ है जो इस समय के लिए बहुत विचित्र बात है। शीघ्र ही इसकी बिजाई भी शुरू होने वाली है।
