साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं
27-Dec-2025 07:22 PM
मांग में सुधार आने से गेहूं का भाव मजबूत
नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं की बिजाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंडियों में इसकी आपूर्ति कहीं कम तो कहीं सामान्य हो रही है। गेहूं पर भंडारण सीमा लागू है और ओएमएसएस के तहत इसकी सरकारी बिक्री पहले ही स्थगित हो चुकी है। इससे खास कर उत्तर प्रदेश के फ्लोर मिलर्स को मंडियों में गेहूं खरीदने के लिए सक्रिय होना पड़ रहा है।
भाव
20-26 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 35 रुपए बढ़कर 2810/2835 रुपए और मध्य प्रदेश के देवास में 200 रुपए उछलकर 2450/3100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर गुजरात के राजकोट में 200 समय घटकर 2500/2900 रुपए प्रति क्विंटल और मध्य प्रदेश के उज्जैन में 300 रुपए लुढ़ककर 2425/2700 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। ध्यान देने की बात है कि गेहूं के दाम में यह गिरावट मुख्यतः ऊंचे स्तर पर आई जबकि नीचे स्तर पर भाव लगभग स्थिर बना रहा। मध्य प्रदेश की कुछ अन्य मंडियों तथा राजस्थान के कोटा में गेहूं की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश की अनेक मंडियों में गेहूं के दाम में 20-25 रुपए और कहीं-कहीं 50 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त देखी गई।
एमएसपी में बढ़ोत्तरी
गेहूं का भाव अधिकांश मंडियों में गिरकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास आ गया है जो 2024-25 सीजन के लिए 2425 रुपए प्रति क्विंटल तथा 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। गेहूं का रकबा गत वर्ष से कुछ आगे अवश्य है लेकिन इसमें उतना जोरदार इजाफा नहीं हुआ है जितना पहले अनुमान लगाया जा रहा था।
स्टॉक
खाद्य निगम के पास गेहूं का समुचित स्टॉक मौजूद है और वह इसे बेचने के लिए इच्छुक भी है मगर इसकी खरीद में मिलर्स-प्रोसेर्स की दिलचस्पी कम रही क्योंकि खुली मंडियों में इसका भाव आकर्षक था। मिलर्स के पास गेहूं का अच्छा स्टॉक भी मौजूद है।
