साप्ताहिक समीक्षा- जीरा
02-Aug-2025 08:22 PM
जीरा कीमतों में मजबूती : बढ़ेंगे भाव
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा की कीमतों में मजबूती रही। सूत्रों का कहना है कि मंडियों में आवक घटने के अलावा निर्यातकों की लिवाली में भी सुधार देखा जा रहा है। जिस कारण से वायदा एवं हाजिर बाजार मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि भाव काफी घट जाने के कारण अब कीमतों में और मंदा संभव नहीं है। आगामी दिनों में जीरे के भाव धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे। क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीन, टर्की ईरान के जीरे की सप्लाई आगामी दिनों में घटनी शुरू हो जाएगी। जिस कारण भारतीय जीरे का निर्यात आगामी दिनों में अच्छा रहने में व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
उत्पादन देश में नहीं अपितु इस वर्ष विदेशों में भी जीरा उत्पादन घटने के समाचार है। प्राप्त जानकारी के चीन में पूर्व में जीरा उत्पादन 1 लाख टन के आसपास माना जा रहा था जोकि प्रतिकूल मौसम के चलते वर्तमान में 70/80 हजार टन उत्पादन होने के समाचार मिल रहे हैं। इसके अलावा सीरिया में उत्पादन 9/10 हजार टन एवं टर्की 10/11 हजार टन उत्पादन के अनुमान लगाए जा रहे हैं। अफगानिस्तान में उत्पादन 10/12 हजार टन माना जा रहा है। चालू सीजन के दौरान देश में भी जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहा। गत वर्ष देश में जीरा उत्पादन लगभग 1.10 करोड़ बोरी का रहा था जोकि इस वर्ष 90/92 लाख बोरी का माना जा रहा है।
आवक
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में जीरे की दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है। प्रमुख मंडी उंझा में आवक 5/6 हजार बोरी की रह गई है। जबकि राजकोट एवं गोंडल में 500/600 बोरी की आवक हो रही है। अन्य मंडियों में भी आवक कम है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात की मंडियों में वर्तमान में जीरे की दैनिक आवक 9/10 हजार बोरी की चल रही है। इसके अलावा राजस्थान की मंडियों में कुल दैनिक आवक 5500/6000 बोरी की हो रही है। राजस्थान की प्रमुख मंडी मेडता एवं नागौर में आवक 1000/1200 बोरी की चल रही है।
निर्यात भाव
चालू सप्ताह के दौरान निर्यातकों की लिवाली आने के कारण निर्यात भाव में लगभग 100 रुपए प्रति 20 किलो की तेजी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि चालू सप्ताह के शुरू में निर्यात का भाव 3750 रुपए प्रति 20 किलो चल रहा था जोकि सप्ताह के अंत में 3850 रुपए बोला जाने लगा है। भाव और बढ़ने की संभावना है।
मन्दा तेजी
व्यापारियों का कहना है कि जीरे की वर्तमान कीमतों अब मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में जीरे के भाव धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे। अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि अगस्त माह के दौरान जीरे के दामों में 5/7 रुपए प्रति किलो की तेजी संभव है। और निर्यात का भाव 4000 रुपए का स्तर पार कर सकता है। हाजिर बाजारों में भी भाव मजबूत बने रहेंगे। व्यापारियों का कहना है कि अगर जीरे के दामों में तेजी नहीं बनती है तो आगामी सीजन के लिए भी उत्पादक केन्द्रों पर जीरा बिजाई क्षेत्रफल में गिरावट आ सकती है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार के वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान जीरा का निर्यात गत वर्ष की तुलना में 39 प्रतिशत अधिक रहा और निर्यात 229881.67 का हुआ जबकि वर्ष 2023-24 में निर्यात 165269.45 टन का रहा था। वर्ष 2023-24 में जीरा निर्यात से प्राप्त आय 5797.23 करोड़ की रही जोकि वर्ष 2024-25 में बढ़कर 6178.86 करोड़ की हो गई।
वर्ष 2025-26 के प्रथम दो माह अप्रैल-मई के दौरान जीरा निर्यात में 27 प्रतिशत एवं प्राप्त आय में 32 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-मई- 2025 में जीरा का निर्यात 45143 टन का रहा और प्राप्त आय 1086.31 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-मई 2024 में जीरा निर्यात 61448.59 टन का रहा था और निर्यात प्राप्त आय 1608.79 करोड़ रुपए की रही थी।
