साप्ताहिक समीक्षा-जीरा

27-Dec-2025 07:46 PM

बिजाई घटने के समाचारों से जीरा मजबूत  

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा कीमतों में मजबूती रही। हाजिर बाजारों के साथ-साथ वायदा बाजार में भी जीरे के भाव तेजी के साथ बोले गए। चालू सप्ताह के दौरान हाजिर बाजारों में जीरे के भाव 400/600 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाकर बोले गए। जबकि वायदा बाजार में जनवरी माह का जीरा 21190 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 22400 रुपए पर बंद हुआ। मार्च माह का भाव सप्ताह के अंत में 23340 रुपए पर बंद हुआ है जबकि सप्ताह के शुरू में भाव 21655 रुपए खुला था। 
बिजाई कम 
व्यापारियों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान में जीरे की बिजाई गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार  मिल रहे हैं। चालू सप्ताह के शुरू में गुजरात कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में जीरे की बिजाई 3.54 लाख हेक्टेयर पर की गई जबकि गत  वर्ष इसी समयावधि में बिजाई 4.42 लाख हेक्टेयर पर की गई थी गुजरात में जीरे की बिजाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। राजस्थान में भी जीरे की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 10/15 प्रतिशत कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। गत वर्ष देश में जीरे की कुल बिजाई 11.71 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जबकि वर्षा 2024 में बिजाई का क्षेत्रफल 12.64 लाख हेक्टेयर रहा था। 
स्टॉक 
सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान निर्यात कम होने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर जीरे का स्टॉक पर्याप्त है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर जीरे का स्टॉक 18/20 लाख बोरी माना जा रहा है इसके अलावा 10/15 लाख बोरी का स्टॉक किसानों के पास भी होने की संभावना है। आगामी माह से गुजरात की मंडियों में नए जीरे की आवक शुरू हो जाएगी। जबकि राजस्थान की मंडियों में आवक मार्च माह में शुरू होगी। 
मन्दा तेजी 
हालांकि स्टॉक पर्याप्त होने के कारण जीरा कीमतों में लम्बी तेजी की संभावना नहीं है। हाल ही में आई तेजी का प्रमुख कारण उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई को माना जाता है। बिजाई घटने के समाचारों के चलते व्यापारिक मनोवृत्ति बाजार में तेजी की बन गई है। जिस कारण से वायदा एवं हाजिर भावों में तेजी आई है। हालांकि निर्यात मांग कम रही लेकिन निर्यात भाव भी बढ़कर 4360 रुपए प्रति 20 किलो पर बोला जाने लगा है जोकि चालू माह के शुरू में 4250 रुपए चल रहा था। हालांकि चालू माह के मध्य में एक बार निर्यात का भाव 4100/4110 बन गया था। 
घटेगा उत्पादन 
उत्पादक केन्द्रों से मिल रहे बिजाई समाचारों को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि दूसरे वर्ष भी देश में जीरा उत्पादन में गिरावट आएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान देश में जीरे का कुल उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2025 में घटकर 90/92 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) रह गया। चालू सीजन के दौरान बिजाई घटने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि वर्ष 2026 के दौरान जीरा उत्पादन 80/82 लाख बोरी तक ही सिमट जाएगा। बशर्तें आगामी दिनों में मौसम फसल के अनुकूल रहे। 
निर्यात कम 
चीन एवं बांग्ला देश की कमजोर मांग के कारण चालू सीजन के प्रथम सात माह में मात्रात्मक रूप में जीरा निर्यात 13 प्रतिशत घटा है जबकि निर्यात भाव कम होने के कारण आय में भी 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2025 के दौरान जीरा का निर्यात 126916 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 2955.81 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 के दौरान जीरा का निर्यात 146558 टन का रहा था और आय 4036.51 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान जीरा का कुल निर्यात 229881.67 टन का हुआ था और निर्यात  से प्राप्त आय 6178.86 करोड़ की रही थी।