साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च

11-Oct-2025 07:41 PM

लालमिर्च कीमतों में तेजी - मंदे की संभावना नहीं 

नई दिल्ली। वर्तमान में लालमिर्च के भाव मजबूती के साथ बोले जा रहे हैं। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर अच्छी क्वालिटी के मालों का स्टॉक कम माना जा रहा है। जबकि बांग्ला देश की बराबर लिवाली चल रही है। हालांकि चीन की लिवाली कम है। मध्य प्रदेश की मंडियों में नए लालमिर्च की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन मध्य प्रदेश में दूसरे वर्ष भी उत्पादन कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। 
बिजाई अनुमान  
चालू सीजन के दौरान उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण इस वर्ष सभी उत्पादक राज्यों में लालमिर्च की बिजाई घटी है। सूत्रों का मानना है कि मध्य प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 25/30 प्रतिशत कम रही है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बिजाई का क्षेत्रफल 35/40 प्रतिशत घटा है। कर्नाटक में भी लालमिर्च की बिजाई गत वर्ष की तुलना में आधी रहने के समाचार है। बिजाई घटने के कारण दूसरे वर्ष भी देश में लालमिर्च का उत्पादन घटने के अनुमान है। मध्य प्रदेश में नई लालमिर्च की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन आंध्र प्रदेश तेलंगाना में आवक जनवरी-फरवरी माह में शुरू होगी। 
घटेगा उत्पादन 
जानकार सूत्रों का कहना है कि दूसरे वर्ष भी देश में लालमिर्च का उत्पादन कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में लालमिर्च की पैदावार 20/25 लाख बोरी होने की संभावना है। जबकि वर्ष 2024 में पैदावार 30/32 लाख बोरी एवं वर्ष 2023 में 35/38 लाख बोरी का उत्पादन माना गया था। हालांकि मध्य प्रदेश में इस वर्ष फसल को कीड़ा लगने के समाचार नहीं है जिस कारण से क्वालिटी अच्छी आएगी। 
प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में भी जनवरी माह में आने वाली फसल दूसरे वर्ष भी कम आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। क्योंकि बिजाई क्षेत्रफल में कमी आई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के दौरान आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन लगभग 2 करोड़ बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 36 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 40/45 किलो) का रह गया है। वर्ष 2025 के दौरान उत्पादन में और गिरावट आने के समाचार है। तेलंगाना में भी आने वाली फसल गत वर्ष की तुलना में कम रहेगी। गत सीजन में तेलंगाना में लालमिर्च का उत्पादन 60/65 लाख बोरी माना गया था। जबकि वर्ष 2023 में उत्पादन 75/80 लाख बोरी का रहा था। 
भाव 
वर्तमान में लालमिर्च के भाव तेजी के साथ बोले जा रहे हैं। हलांकि मंडियों में कुल आवक में अच्छी क्वालिटी का भाव 20/25 प्रतिशत ही आ रहा है। गुंटूर मंडी में लालमिर्च की दैनिक आवक 60/70 हजार बोरी की हल रही। और तेजा का भाव 151/152 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। जबकि खम्मम में तेजा का भाव 152/153 रुपए चल रहा है। उल्लेखनीय है कि अगस्त माह के दौरान उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च तेजा का भाव 138/140 रुपए प्रति किलो चल रहा था। सूत्रों का मानना है कि हाल-फिलहाल कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है लेकिन दीपावली पश्चात मध्य प्रदेश की मंडियों में नए मालों की आवक बढ़ने पर कुछ समय के लिए बढ़ते भाव रुक सकते हैं। 
स्टॉक 
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्पादक केन्द्रों एवं खपत सेंटरों पर वर्तमान में लालमिर्च का स्टॉक लगभग 56 करोड़ बोरी के आसपास माना जा रहा है। आंध्र प्रदेश की मंडियों में स्टॉक 60/65 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि तेलंगाना में स्टॉक 30/35 लाख बोरी माना जा रहा है। हालांकि स्टॉक पर्याप्त है लेकिन हल्की क्वालिटी का स्टॉक अधिक होने के समाचार है। 
निर्यात अधिक 
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम चार माह में लालमिर्च निर्यात में मात्रात्मक रूप से 63 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है जबकि आय में 31 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जुलाई- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 270867 टन का हुआ है और प्रपात आय 3888.61 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल- जुलाई- 2024 में लालमिर्च का निर्यात 165923 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 2977.95 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का हुआ। और प्राप्त आय 11404.90 करोड़ की रही।