साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

27-Dec-2025 07:54 PM

सामान्य कारोबार के साथ सरसों के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव 

नई दिल्ली। सरसों में खरीदारों की मांग 20-26 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान कुछ कमजोर देखी गई जिससे इसकी कीमतों में नरमी या स्थिरता का माहौल  रहा। बिजाई के प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है और फसल की हालत संतोषजनक बताई जा रही है। मंडियों में आपूर्ति ठीक ठाक हो रही है लेकिन सरसों तेल एवं खल में जोरदार कारोबार का अभाव है। अगले महीने कारोबार में कुछ तेजी आ सकती है जबकि फरवरी से नई सरसों की आवक आरंभ हो जाएगी। 
42% कंडीशन सरसों   
20-26 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 6950 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर जयपुर में 100 रुपए घटकर 7100 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में मध्य प्रदेश, हरियाणा तथा गुजरात की मंडियों में गिरावट देखी गई। उत्तर प्रदेश के आगरा में भी यह 75 रुपए नरम रही जबकि राजस्थान में इसमें मिश्रित रुख देखा गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी मंडियों में सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है। 
सरसों तेल 
एक्सपेलर एवं कच्ची घानी में मांग कमजोर रहने से कीमतों में 1 से 4 रुपए प्रति किलो तक की गिरावट देखी गई। दिल्ली में एक्सपेलर का दाम 25 रुपए घटकर 1410 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। चरखी दादरी में भी यह 20 रुपए नीचे आया। राजस्थान के भरतपुर में कीमत 40 रुपए लुढ़ककर एक्सपेलर की 1400 रुपए एवं कच्ची घानी की 1420 रुपए प्रति किलो रह गई। आगरा, कोलकाता और हापुड़ में कच्ची घानी सरसों तेल के दाम में 20-20 रुपए प्रति 10 किलो की नरमी दर्ज की गई। कोटा में एक्सपेलर 15 रुपए नरम रहा। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों डीओसी में सामान्य कारोबार के बीच भाव मिला-जुला रहा। इसके दाम में 200 रुपए की तेजी से लेकर 500 रुपए प्रति टन तक की गिरावट दर्ज की गई। चीन के खरीदारों की सक्रियता कुछ कमजोर रही। नई फसल आने तक सरसों बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।